डॉक्यूमेंट्री ‘काली’ के आपत्तिजनक पोस्टर पर विवाद बढ़ता ही जा रहा है। एक तरफ जहां उत्तर प्रदेश में मेकर्स के खिलाफ एफ आई आर दर्ज हो गई है। वहीं अब खबर आ रही है कि दिल्ली पुलिस ने भी निर्माताओं के खिलाफ धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कर ली है।वहीं पोस्टर के चारो तरफ विरोध के बीच टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने पोस्टर पर अपना सकारात्मक प्रतिक्रया दी है.इंडिया टुडे कॉन्क्लेव इस 2022 के दूसरे दिन टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने डॉक्यूमेंट्री फिल्म काली के पोस्टर का बचाव करते हुए कहा कि काली के कई रूप हैं। मेरे लिए काली का मतलब मांस प्रेमी और शराब स्वीकार करने वाली देवी है। लोगों की अलग-अलग राय होती है मुझे इसे लेकर कोई परेशानी नहीं है।’ महुआ मोइत्रा ने कहा कि आप अपने भगवान को कैसे देखते हैं। अगर आप भूटान और सिक्किम जाओ तो वहां सुबह पूजा में भगवान को व्हिस्की चढ़ाई जाती है लेकिन यही आप उत्तर प्रदेश में किसी को प्रसाद में दे दो तो उसकी भावना आहत हो सकती है। मेरे लिए देवी काली एक मांस खाने वाली और शराब पीने वाली देवी के रूप में है। देवी काली के कई रूप हैं।
बता दें कि टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा कि अगर आप तारापीठ जाए तो काली के मंदिर के पास साधु आपको स्मोकिंग करते हुए मिलेंगे और लोग ऐसी काली की पूजा भी करते हैं। हिंदू होते हुए भी मुझे मेरी काली को मेरे हिसाब से देखने की आजादी है और लोगों को भी होनी चाहिए। आपको अपने भगवान को अपने हिसाब से पूजन की आजादी होनी चाहिए। पूजा का अधिकार पर्सनल स्पेस में रहना चाहिए। जब तक मैं आपके क्षेत्र में हस्तक्षेप नहीं कर रही हूं। मुझे नहीं लगता कि इसकी आजादी होनी चाहिए। मुझे काली के इस रूप से कोई परेशानी नहीं है।



