रांची: सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश दिवंगत एमवाई इकबाल की जमीन हड़पने की कोशिश के मामले में आज सुनवाई के दौरान झारखंड के डीजीपी अजय कुमार और रांची एसएसपी झारखंड उच्च न्यायालय में सशरीर उपस्थित हुए.झारखंड उच्च न्यायालय ने आज राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और रांची के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को मामले में एक हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया. न्यायमूर्ति एस चन्द्रशेखर की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने निर्देश देने से पहले पुलिस अधिकारियों से मौखिक रूप से पूछा कि अपराध नियंत्रण में क्यों नहीं आ रहा है और उन्होंने राज्य में अपराध पर नियंत्रण के लिए क्या कदम उठाये हैं.अदालत ने मीडिया रिपोर्टों पर स्वत: संज्ञान लिया था जिसमें दर्शाया गया था कि कैसे पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में भू-माफिया जज की जमीन हड़पने की कोशिश कर रहे थे।22 अगस्त को इस मामले के एक फरार आरोपी शाहनवाज अली उर्फ कंजा गद्दी ने न्यायिक दंडाधिकारी कमलेश बेहरा की अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया था.लोअर बाजार पुलिस स्टेशन के अधिकारियों द्वारा उसकी संपत्ति कुर्क करने के आदेश के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाने के बाद गद्दी अदालत में उपस्थित हुआ।इससे पहले कि अदालत कोई आदेश पारित कर पाती, उसने आत्मसमर्पण कर दिया।इस मामले में अन्य आरोपी पहले से ही जेल में हैं.इस मामले में लोअर बाजार थाने में विधि-व्यवस्था बनाये रखने के लिए प्रतिनियुक्त हवलदार जैनुल अंसारी ने प्राथमिकी दर्ज करायी थी.प्राथमिकी में कहा गया है कि जुनैद राज पप्पू अपने साथ 20-25 अज्ञात लोगों व मजदूरों को लेकर आये और दिवंगत जज की जमीन पर बनी दीवार को तोड़ने लगे.इन लोगों ने सामने से दीवार तोड़ दी.



