पूजा सिंघल (Pooja Singhal) आपके कार्यकाल की देन, हम व्यपारियों के नहीं दलित-आदिवासी के प्रतिनिधि : हेमंत सोरेन

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Pooja Singhal is a gift of your tenure, we are representatives of Dalit

सीएम हेमंत सोरेन ने सदन में कहा कि सदन में प्रदीप यादव ने जोहार शब्द का प्रयोग किया था। जोहार शब्द राज्य की पहचान और राज्य का एक अलग दे वजूद दे रहा है। इसकी जिम्मेदारी सिर्फ सांसद विधायक की नहीं बल्कि पूरे राज्य के लोगों की होती है। इससे पहले तो कभी हमारे विपक्ष के लोगों जोहार नहीं कहा लेकिन आजकल मैं जरूर देखता हूं कि उन लोगों ने अपने ऑफिस में परमानेंट जोहार का बोर्ड लगा दिया है।
सीएम हेमंत सोरेन ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि आदिवासी दलित, पिछड़ा, अल्पसंख्यक राज्य और इन वर्गों को आगे बढ़ने का और बड़े-बड़े उच्च उच्च पदों पर पहुंचना तो दूर की बात है। इनलोगों ने तो एक न्यूनतम मान सम्मान भी इन वर्गों को नहीं दिया है। वहीं हमारी सरकार इसी प्रयास के साथ आगे बढ़ रही है कि यहां के जो बहुसंख्यक लोग हैं। जो आदिवासी दलित पिछड़ा लोग हैं। उन सब को मान सम्मान मिले। यह सरकार राज्य की सवा तीन करोड़ जनता को एक नजरिया से देखती है। जिन लोगों ने सत्ता पक्ष को वोट दिया उनको भी, जिन्होंने नहीं दिया उनको भी। हेमंत सोरेन सीएम ने कहा कि हम लोग पॉजिटिव सोच के साथ सरकार को चला रहे हैं। अगर सरकार ने अपनी तारीफ अभिभाषण में लिखा है तो वह अपनी नाकामी भी लिख सकते हैं। हेमंत सोरेन ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछले 20 साल से राज्य का सुख तो इन लोगों ने ही भोगा है। इनकी असली ट्रेनिंग तो अब हो रही है 20 सालों में तो पहली बार इनको यह ट्रेनिंग मिल रहा है कि विपक्ष से कैसे बहस करें कैसे मुद्दों को उठाएं। राज्य बनने के बाद ज्यादातर समय इन लोगों ने चलाया।अब यह वापस कैसे आए यहीं सोच रहे है। जिस तरीके से ये लोग पानी पी-पीकर सरकार को कोस रहे हैं। व्यक्तिगत कटाक्ष के बाद कर्मचारी,घूसखोरी,भ्रष्टाचार इन सब चीजों की व्यवस्था को ध्वस्त करने की पूरी जिम्मेदारी विपक्ष को जाती है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भ्रूण हत्या पर बात की बच्चों की कम उम्र में शादी हो जाती है। इसलिए सावित्रीबाई फूले के माध्यम से कैसे इस भ्रूण हत्या पर अंकुश लगाया जाए हम यही कोशिश कर रहे हैं। बाल विवाह का का मुख्य कारण अशिक्षा है। जिन वर्गों के पास पूर्ण शिक्षा नहीं होती है। जो गरीब होते हैं उन्हीं के बच्चों का बाल विवाह करवा दिया जाता है। पढ़े-लिखे घर में बाल विवाह नहीं होता । आज सावित्रीबाई फुले योजना के माध्यम से निश्चित रूप से बच्चियों का स्वाभिमान बढ़ेगा,अभिमान बढ़ेगा और बालिक होने तक पढ़ने की भी उसकी इच्छा जगेगी।
सीएम हेमंत सोरेन ने लॉ-ऑर्डर पर बात करते हुए कहा कि विपक्ष के लोग लॉ-ऑर्डर की बात करते हैं। अभी हाल ही में यूपी में एक घर पर बुलडोजर चला दिया गया। यहां तक की इन लोगों ने यह भी ध्यान नहीं दिया कि उस घर में परिवार रहता है। यहां थोड़ा सा कुछ घटना घटता है तो ह्यूमन राइट के नाम पर दर्जनों लोगों को रोड पर चलवा दिया जाता है। हेमंत सोरेन ने आगे कहा कि अभी हमारे सरकार बने हुए बस 3 साल हुए हैं जिनमें से 2 साल तो करोना काल में ही चले गए। लेकिन पिछली बार तो डबल इंजन की सरकार थी। फिर भी विकास क्यों नहीं हुआ। मुझे यह बात समझ नहीं आई। हम लोग अनपढ़ गवार हो सकते हैं वैसे भी आदिवासी, दलित कुछ भी कर ले राज्य को आगे बढ़ने नहीं दे सकता है। संविधान में तो वैसे भी
लिखा है कि आदिवासी दलित पिछड़ों को संरक्षित करें लेकिन ये लोग तो यह कभी नहीं कर सके। इन लोगों ने योजनाबद्ध तरीके से राज्य को चारागाह बनाया। आज हमारा राज्य देश का सबसे पिछड़ा राज्य होने के कारण कई मुसीबतों से जूझ रहा है। शिक्षा का अभाव है। हमारे राज्य के 80% से अधिक लोग ग्रामीण क्षेत्र में रहते हैं। और जिस तरीके से देश में नए-नए नीति निर्धारक महानुभाव बैठे हुए हैं। आज जीएसटी जैसा कानून को इन लोगों ने लागू किया है। जो सबसे बड़ा झटका है। झारखंड सरकार सालाना 5-6 हजार करोड रुपए जीएसटी भरती है। ऐसे नीति से राज्य को काफी नुकसान है।
विपक्ष पर हमला करते हुए कहा कि आप लोगों ने तो यहां पर 1985 की नीतियां बनाकर क्या किया मिठाइयां बांटी। इनलोगों ने छात्रवृत्ति घोटाला किया। गरीबों का कंबल तक हड़प लिया। हाथी उड़ाने के चक्कर में जमीन की दलाली कर डाली। इन्होंने यहां तक कह दिया कि झारखंड के युवा रोजगार के योग्य नहीं है। स्कूलों को बंद कर देते हैं।
और तो और झारखंड की अस्मिता को समाप्त करने का प्रयास किया। इन लोगों ने डिजिटल पंचायत के नाम पर तो प्रधानमंत्री से भी झूठ बुलवा दिया।पूजा सिंघल के मामले पर बात करते हुए सीएम ने कहा कि पूजा सिंघल का मामला भी आपके सरकार का है। बताइए पूजा सिंघल का मुख्यमंत्री कौन था ? मनरेगा घोटाला इन्हीं की सरकार के कार्यकाल के समय का है। चार्जशीट फाइल होता है जिसमें एक भी माइंस का जिक्र नहीं होता है। यह लोग जब राजनीतिक रूप से बिक सकते हैं तो ऐसे भी ईडी- सीबीआई के छांव में बैठ जाते हैं। आज के समय में झारखंड सबसे पिछड़ा राज्य है। लेकिन वह दिन भी दूर नहीं जब भारत अन्य देशों से सबसे पीछे हो जाएगा।
आज देश की अर्थव्यवस्था इस तरीके से चरमरा गई
है। देश का जहाज जो डूब रहा है। ऐसी कई जगह है जहां पैसों का घोटाला हुआ। लेकिन वहां कोई जांच एजेंसी आज तक नहीं पहुंची लेकिन हमारे राज्य झारखंड में ईडी- सीबीआई जरूर पहुंच गई।
लेकिन उन्हें हमारे राज्य में कुछ नहीं मिलेगा। हम लोग व्यापारियों के जनप्रतिनिधि नहीं है हम लोग दलित,पिछड़ा,आदिवासियों के जनप्रतिनिधि हैं। लेकिन यह वह लोग हैं जिनको खेती से लेना-देना नहीं है।

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