कोरोना एक सुलगता सवाल ?

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राकेश रफीक , वरिष्ठ चिंतक 

 

कोरोना एक सुलगता सवाल ?

ऑस्ट्रेलिया के बाद अब  अमेरिका ने अपनी समस्त जासूसी संस्थाओं को यह जिम्मेदारी दी है कि कोरोना की उत्पत्ति के बारे में सही जानकारी उपलब्ध कराएं। यह जानकारी अब वैज्ञानिकों से नहीं जासूसी संस्थाओं से मांगी जा रही है। अमेरिका के राष्ट्रपति ने 90 दिन के अंदर जासूसी संस्थाओं से रिपोर्ट देने को कहा है, यानी अमेरिकी ने अब मान लिया कि कोरोनावायरस प्राकृतिक घटना ना होकर कोई अंतरराष्ट्रीय षड्यंत्र है यह किसने शुरू करा है उस पर बहुत से लोग आरोपों के घेरे में हैं। और कई देश भी। जब कोरोनवायरस की शुरुआत हुई थी । तब सबसे ज्यादा चर्चित बात एक तो यह रही थी की कनाडा की वायरस प्रयोगशाला में इस वायरस पर काम हो रहा था, वहां से दो चीनी वैज्ञानिकों ने उसको चुरा लिया और चीन की वुहान प्रयोगशाला में इस पर कार्य हुआ, वहां से लीक होने पर यह दुनिया में फैल गया या फैलाया गया यह भी बात कही गई कि चमगादड़ की मदद से इसके प्राकृतिक स्वरूप में परिवर्तन किए गए। इसके अलावा दूसरी बात यह चर्चित हुई थी कि 2015 में बिल गेट्स ने दुनिया के कुछ नए बड़े पूंजीपतियों की मीटिंग बुलाकर इस तरह के वायरस की चर्चा की अब दुनिया पर नियंत्रण करने की यह उन्हीं की साजिश से उभरा जैविक युद्ध है।बाद में विश्व स्वास्थ संगठन ने इन सब बातों को गलत बताकर वायरस को एक प्राकृतिक घटना बताया था इस पर अमेरिका ने कहा था विश्व स्वास्थ संगठन चीन के इशारे पर काम कर रहा है ।अब दुबारा से विश्व स्वास्थ्य संगठन की टीम भी इसकी जांच में लगी है और अमेरिका ने तो अपने समस्त जासूसी संस्थाओं को आदेश दे ही दिया है।
उक्त समस्त घटनाक्रम का कारण क्या है? दुनिया में कुछ लोग हैं जो पूरे विश्व पर अपना नियंत्रण करने का प्रयास करते हैं इसी क्रम में यूरोप में प्रथम और द्वितीय विश्व युद्ध हुआ था द्वितीय विश्व युद्ध की समाप्ति पर परमाणु बम के सहार देखकर उस तरह का युद्ध तब से आज तक हुआ नहीं। लेकिन द्वितीय विश्व युद्ध में सबसे ज्यादा शक्तिशाली बन कर उभरे सोवियत संघ और अमेरिका के बीच जो युद्ध कई वर्षों तक चलता रहा उसे शीतयुद्ध की संज्ञा दी गई। शीत युद्ध के परिणाम में अमेरिका की जीत हो गईऔर सोवियत संघ बर्बाद हो गया उसके बाद अमेरिका का विश्व प्रभुत्व का सपना तेजी से गतिमान था। फिलहाल चीन और रूस के दुनिया के प्रभावशाली देश बनने से , इस में रुकावट आ गई आज पूरे पश्चिम एशिया में रूस और अमेरिका एक दूसरे के विरोध में खड़े हैं लेकिन उनमें आपस में युद्ध नहीं हो रहा ऐसे ही प्रशांत महासागर में अमेरिका और चीन की तकरार है। चीन की सिल्क रूट को पुनर्जीवन करने की योजना से और ब्रिक्स बैंक बनाकर दुनिया के गरीब मूर्खों को कर्ज देने से अमेरिका को काफी संकट महसूस हुआ अब इन तीन शक्तिशाली देशों में कौन एक है जो दुनिया में कोरोना के माध्यम से जैविक युद्ध चलाना चाह रहा है?
एक अलग परिदृश्य है जहां एलन मस्क ने सस्ता ईंधन बनाकर अंतरिक्ष में अपना वर्चस्व स्थापित किया है और इलेक्ट्रिक कार बनाकर पेट्रोलियम पदार्थों पर निर्भर दुनिया केबल पर विश्व प्रभुत्व कायम करने वाले रॉकफेलर वाह रथशील्ड को चुनौती दे दी है बिल गेट्स कंप्यूटर की दुनिया के बादशाह हैं और अमेजन कंपनी के मालिक ऑनलाइन खरीदारी के बादशाह हैं और वॉलमार्ट फुटकर समान बेचने के बादशाह यह नए लोग मिलकर क्या एक नई दुनिया बनाने का प्रयास कर रहे हैं जो इनके नियंत्रण में चलेगी?
सारे वह सवाल हैं जिन पर सबको सोचना चाहिए जहां तक कोरोना के माध्यम से चलाए गए जैविक युद्ध का सवाल है उससे प्रतिरक्षा के लिए अगर आयुर्वेद को ठोस आधार मानकर या फिर पर्यावरण के सवाल परअपने पुराने परंपरागत जीवन को पुनर्जीवित करते हुए हम अगर अपनी इम्यूनिटी विकसित कर पाते हैं तो इस जैविक युद्ध में बच सकते हैं। अपराधी कोई भी हो अपना और अपने लोगों का जीवन बचाना है हमारा पहला लक्ष्य है।
ललकार फिल्म में गाना था ‘गा लो मुस्कुरा लो महफिले सजा लो, जाने कब कोई अपना साथी बिछड़ जाए, बस यही जैविक युद्ध का हाल है अब युद्ध सीमाओं पर नहीं देश के अंदर सीधे सामान्य जनों के ऊपर लड़े जा रहे हैं ।
कोई है ! जो यह तय कर रहा है किस देश की आबादी कितनी रहनी चाहिए ,किस देश के लोगों को कितना डराना है। इससे भी महत्वपूर्ण यह निर्धारित किया जा रहा है कि आगे आने वाली दुनिया में लोग अपना जीवन किस तरह जिएंगे, जिसमें समाज नहीं होगा केवल राज्य होगा जो नागरिकों को आदेश देगा और नागरिक उसका पालन करेंगे। एक दूसरे से दूर रहना है, किसी के घर आना जाना नहीं है अपने घर में रहना है ऑनलाइन सब सामान मंगाना है ,गरीब लोगों को अनाज फ्री मिलेगा साथ में एक कमरे का मकान बनाने का पैसा भी और अस्पताल में इलाज कराने का एक कार्ड भी, इंटरनेट और मोबाइल भी सब इस्तेमाल करेंगे बस अधिकांश समय घर पर रहेंगे, बच्चे ऑनलाइन पढ़ेंगे अस्पताल आपका इंतजार करेंगे आपका आखरी समय वही गुजरेगा और सरकारी व्यवस्था के तहत आप वहीं से शमशान या कब्रिस्तान तक पहुंचा दिए जाएंगे
आपकी दुनिया से हटकर एक दुनिया होगी जिसमें अब अंतरिक्ष पर पर्यटन हो रहा है और मंगल ग्रह पर व चांद पर प्लाट बुक किए जाना है.