सीएम: मैं सत्ता में रहूं या नहीं रहूं, उस पेड़ को देखने जरूर आऊंगा

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hemant soren

रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और गांडेय विधायक कल्पना सोरेन शुक्रवार को रांची के हरिवंश टाना भगत इंडोर स्टेडियम (खेलगांव) में आयोजित 77वें वन महोत्सव में शामिल हुए। इस अवसर पर दोनों नेताओं ने तेंदूपत्ता वन समितियों, जैव विविधता प्रबंधन समितियों (बीएमसी), ग्राम वन प्रबंधन समितियों के सदस्यों तथा “हाथी मित्रों” को सम्मानित किया।कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने वृक्षारोपण करते हुए लोगों से अपने घरों और परिसर में कम से कम एक फलदार या स्थानीय उपयोगी पौधा लगाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पौधा लगाने के साथ उस दिन की तारीख भी लिखें और उसकी देखभाल परिवार के सदस्य की तरह करें।

मुख्यमंत्री ने भावुक अंदाज में कहा, “मैं सत्ता में रहूं या नहीं रहूं, उस पेड़ को देखने जरूर आऊंगा।” उन्होंने कहा कि पेड़ लगाना केवल पर्यावरण संरक्षण का कार्य नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित भविष्य तैयार करने की जिम्मेदारी भी है।जलवायु परिवर्तन पर चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पूरी दुनिया इसके प्रभावों को महसूस कर रही है। अत्यधिक वर्षा, सूखा, भीषण गर्मी, असामान्य ठंड, बादल फटना और भूस्खलन जैसी घटनाएं इस बात का संकेत हैं कि प्रकृति लगातार चेतावनी दे रही है।उन्होंने कहा कि विकास जरूरी है, लेकिन विकास और प्रकृति के बीच संतुलन बनाए रखना उससे भी अधिक आवश्यक है। सड़कें बनें, उद्योग स्थापित हों और शहर विकसित हों, लेकिन जल, जंगल और जमीन की कीमत पर नहीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जंगलों में बढ़ते अतिक्रमण के कारण वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास प्रभावित हो रहा है, जिसके चलते हाथियों का गांवों और शहरों की ओर आना बढ़ा है।

मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की प्रोत्साहन योजना का भी उल्लेख करते हुए कहा कि शहरों के लोगों के लिए सरकार ने घोषणा की है कि जो व्यक्ति एक पेड़ लगाएगा, उसे पांच यूनिट मुफ्त बिजली दी जाएगी। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “100 पेड़ लगाओ, 1000 यूनिट बिजली फ्री ले लो, लेकिन अभी तक कोई लेने को तैयार नहीं। चलिए, देखते हैं हम कहां तक जाते हैं।”मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों से पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने और अधिक से अधिक वृक्षारोपण कर हरित झारखंड के निर्माण में भागीदारी निभाने की अपील की।

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