राज्य के विश्वविद्यालयों में कार्यरत घंटी आधारित अनुबंध शिक्षकों को अब लॉकडाउन अवधि के मानदेय का भुगतान हो सकेगा. इसे लेकर संबंधित शिक्षक काफी दिनों से आंदोलन कर रहे थे. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की स्वीकृति के बाद उच्च व तकनीकी शिक्षा विभाग ने लॉकडाउन अवधि (अप्रैल 2020 से 16 अक्तूबर 2020 तक) के मानदेय भुगतान को लेकर गाइडलाइन में संशोधन करते हुए सभी विवि को राशि भुगतान करने का निर्देश दिया है. विभाग ने सभी विवि को राशि भी उपलब्ध करा दी है.
कुलाधिपति ने भी दिया था निर्देश :
अपर मुख्य सचिव केके खंडेलवाल के निर्देश पर उच्च शिक्षा निदेशक ए मुथु कुमार द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है कि लॉकडाउन अवधि के मानदेय भुगतान के लिए राज्यपाल सह कुलाधिपति द्रौपदी मुर्मू ने भी निर्देश दिया था. इसके आधार पर राज्य सरकार ने सभी विवि के कुलपतियों को सशर्त भुगतान करने का निर्देश जारी किया है.
इसके तहत लॉकडाउन अवधि (अप्रैल 2020 से 16 अक्तूबर 2020) में घंटी आधारित अनुबंध पर नियुक्त शिक्षकों का मानदेय भुगतान, उनके द्वारा ऑनलाइन माध्यम से ली गयी कक्षाओं या पोस्ट किये गये व्याख्यान (लेक्चर) वीडियो के आधार पर करने की बात कही गयी है.
इसके अलावा उक्त अवधि में ग्रामीण क्षेत्र के महाविद्यालय में भी बहुत ही कम ऑनलाइन सुविधा को ध्यान में रखते हुए, ऐसे शिक्षकों द्वारा किये गये शैक्षणिक कार्य को भी ध्यान में रखने का निर्देश है. इसमें ऑनलाइन माध्यम से ली गयी कक्षाओं या ऑनलाइन पोस्ट किये गये व्याख्यान वीडियो के साथ-साथ परीक्षा संबंधी कार्य व ट्यूटोरियल कक्षाओं आदि को भी शैक्षणिक कार्य में शामिल करने को कहा गया है.



