तीसरी लहर को रोकने के लिए राज्य सरकार गंभीर है. इसे लेकर बाहर से आनेवाले सभी लोगों की जांच कराने का फैसला लिया गया है. इसके लिए राज्य के सभी रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और एयरपोर्ट पर कोरोना की जांच के लिए स्थायी रैट जांच बूथ बनाये जायेंगे, जो 24 घंटा और सातों दिन काम करेंगे. यहां शिफ्ट में कर्मचारी तैनात रहेंगे और हर आने वाले यात्री की जांच की जायेगी. स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अरुण कुमार सिंह ने इसे लेकर सभी जिलों के उपायुक्तों को पत्र लिख कर निर्देश जारी कर दिया है.
अपर मुख्य सचिव ने लिखा है कि कोविड की दूसरी लहर की रोकथाम, बचाव तथा समुचित नियंत्रण के लिए कोविड समुचित व्यवहार का अनुपालन, टीकाकरण, सघन निगरानी और कांटैक्ट ट्रेसिंग के साथ-साथ नियमित रूप से जांच की आवश्यकता है. जानकार तीसरी लहर की संभावना भी जता रहे हैं.
तीसरी लहर से पहले ही सरकार है सचेत
पत्र की जानकारी देते हुए स्वास्थ्य विभाग आइइसी के नोडल पदाधिकारी सिद्धार्थ त्रिपाठी ने बताया कि राज्य में खूंटी एवं लोहरदगा छोड़ कर सभी जिले किसी न किसी राज्य की सीमा से लगे हुए हैं. जिस कारण यहां लोग आते-जाते रहते हैं. झारखंड से श्रमिक भी बड़ी संख्या में दूसरे राज्यों में काम के लिए जाते हैं और फिर वे लौटते भी हैं. तीसरी लहर के पूर्व ही सरकार सचेत हो गयी है. अब जो भी लौटेंगे, सबकी जांच की जायेगी, ताकि कोई संक्रमित मिले, तो उन्हें अइसोलेट कर ट्रीटमेंट किया जा सके.



