अमड़ापाड़ा के शालघाटी गांव के निकट तालाब के पास 24 फरवरी की रात भाटीकांदर गांव निवासी सोना मरांडी की डायन बताकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में अमड़ापाड़ा थाना पुलिस टीम ने दो आरोपितों भाटीकांदर मांझी टोला निवासी महेश्वर किस्कु व बाबूराम किस्कु को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों भाई हैं। पुलिस ने महेश्वर के घर से लोहे का दाब, कुल्हाड़ी व कुदाल बरामद कर ली है।
एसपी मणिलाल मंडल ने सोमवार को इस हत्याकांड का उद्भेदन किया। बताया कि डायन के संदेह में 24 फरवरी को महिला की हत्या कर दी गई थी। आठ मार्च को उसी महिला का अवशेष रांगा टोला स्थित बांसलोई नदी घाट से बरामद हुआ था। पहचान सोना मरांडी के रूप में की। मामले के मुख्य आरोपित महेश्वर, बाबूराम और मोतीलाल हेम्ब्रम है। नौ लोगों ने मिलकर हत्या की साजिश रची थी। इस मामले में फरार आरोपित बुधन हांसदा, महा हेम्ब्रम, मोतीलाल हेम्ब्रम, मानवेल हेम्ब्रम, नाजिर हांसदा तथा मांझी टुडू की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है। पुलिस ने महेश्वर व बाबूराम को उसके घर से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। एसआइटी टीम में एसडीपीओ नवनीत हेम्ब्रम, पुलिस निरीक्षक मनोज कुमार, पुअनि रत्नेश्वर मिश्रा, विनय सिंह, संतोष कुमार, विनोद सिंह, मुकुल भगत, संतोष यादव तथा सअनि सुनील शर्मा शामिल थे।
पुलिस ने आठ मार्च को बांसलोई नदी किनारे से महिला का छह टुकडों में कटा हुआ शव बरामद किया था। जांच में पुलिस को पता चला कि घटना के मुख्य आरोपित महेश्वर किस्कु, उसका भाई बाबूराम किस्कु तथा मोतीलाल हेम्ब्रम हैं। तीनों ने मिलकर शालघाटी गांव के निकट तालाब के पास महिला की गला घोंट कर हत्या की थी। फिर शव को बरदाहा स्थित चट्टानी दरहा के पास ले गए। वहां पहले से बुधन हांसदा, महा हेम्ब्रम, मोतीलाल हेम्ब्रम, मानवेल हेम्ब्रम, नाजिर हांसदा व मांझी टुडू मौजूद थे। सभी आरोपितों ने मिलकर महिला के शव को पानी के अंदर डाल दिया तथा उसपर बड़ा-बड़ा पत्थर रख दिया। 25 फरवरी की रात उक्त सभी आरोपित चट्टानी दरहा पहुंच शव को पानी से बाहर निकाला और उसे छह हिस्से में काटकर अलग-अलग बोरा में भर दिया। रात में ही आरोपित बहंगी से शव के टुकड़ों को पांच किलोमीटर दूर बांसलोई नदी किनारे ले गए। नदी में गड्डा खोदकर शव के टुकड़ों को जमीन में दफना दिया।
एसपी ने बताया कि हत्या की योजना महेश्वर किस्कु के घर में रची गई थी। उस समय उक्त सभी आरोपित मौजूद थे। योजना के तहत महेश्वर ने 24 फरवरी को शालघाटी गांव में मेला देखने के बहाने सोना मरांडी को बुलाया। रात्रि करीब 10 बजे सोना को महेश्वर तालाब किनारे ले गया। महेश्वर के पीछे-पीछे उसका भाई बाबूराम और मोतीलाल हेम्ब्रम भी वहां पहुंच गए। तीनों ने मिलकर वारदात को अंजाम दिया।



