एमपी में सख्ती शुरू: भोपाल – इंदौर में नाईट कर्फ्यू पर निर्णय आज

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इस साल देश में फिर से कोरोना भारी पड़ने लगा. पिछले साल मार्च 2020 में जब कोरोना संक्रमण ने अपने पांव पसारने शुरू किए तो कुछ दिन बाद ही देश में लॉकडाउन लगाना पड़ा। ठीक एक साल बाद एक बार फिर से वैसी ही स्थिति बनती दिख रही है। मार्च में बढ़ते तापमान के साथ ही कोरोना वायरस का असर भी पहले जैसा दिखाई देना लगा है।

देश के कई राज्यों में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ने लगे है। मध्य प्रदेश में भी कोरोना के मामले बढ़ते जा रहे हैं। इसे देखते हुए राज्य सरकार ने सख्ती शुरू कर दी है। इंदौर, भोपाल समेत प्रदेश के 12 जिलों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही महाराष्ट्र से आने वालों की थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी और उन्हें सात दिन के लिए अनिवार्य रूप से क्वारंटीन रहना होगा। इंदौर व भोपाल में रात्रिकालीन कर्फ़्यू लगेगा या नहीं इस पर सोमवार को निर्णय होगा।

 

नई गाइड लाइन :-

भोपाल, इंदौर व महाराष्ट्र से सटे बालाघाट, सिवनी, बैतूल, छिंदवाड़ा, बड़वानी, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन में बंद हॉल में आयोजित कार्यक्रमों में केवल हॉल की 50 फीसदी क्षमता का इस्तेमाल हो सकेगा।

इन हॉलों में अधिकतम 200 लोगों को ही कार्यक्रम में शरीक होने की इजाजत होगी।

महाराष्ट्र के सीमावर्ती जिलों से आने-जाने वाले यात्री वाहनों व मालवाहकों में सवार लोगों की अनिवार्य थर्मल स्क्रीनिंग होगी।

महाराष्ट्र से आने वालों को सात दिन के लिए अनिवार्य रूप से क्वारंटीन रहने को कहा जाएगा।

प्रदेश के सभी जिलों में दुकानों के आगे रस्सी बांधकर या चूने के गोले बनाकर शारीरिक दूरी के नियम का पालन कराया जाएगा।

दुकान व्यवसायी ग्राहकों को मास्क लगाने के लिए प्रेरित करें। जो व्यवसायी इसका पालन नहीं कराएंगे, उन पर कार्रवाई होगी।

जिलों की क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटी की नियमित बैठक में स्थिति की समीक्षा होगी।