यहां पुरुषों से ज्यादा हैं महिलाएं, इस इलाके ने दिए कई नेता, अभिनेता और मंत्री

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Pankaj Tripathiदेश के कम ही ऐसे इलाके हैं, जहां पुरुषों के मुकाबले महिलाओं की संख्या ज्यादा हो। बिहार का यह इलाका अपनी इस खूबी के लिए भी जाना जाता है। हालांकि इससे इतर यहां की खूबियां और भी हैं। आइए जानें, क्या हैं ये?गोपालगंज उत्तर प्रदेश की सीमा से लगा हुआ बिहार का जिला है। गोपालगंज का जिला मुख्यालय गोपालगंज शहर में है। गोपालगंज स्वतंत्रता आंदोलन, नारी शिक्षा आंदोलन, बनकटा के बाबू गंगा विष्णु राय और बाबू सुंदर लाल के नेतृत्व में कर का भुगतान नहीं करने का 1930 का निषेध आंदोलन हो या जेपी आंदोलनों में हमेशा से आगे रहा है।यहां भोजपुरी, हिंदी और अंग्रेजी भाषाएं बोली जाती हैं। इतिहासकारों के मुताबिक यहां एक राजा चेरो हुए थे। उस वक्त के शासक मंदिर और अन्य धार्मिक स्थल काफी बनवाते थे। इस वजह से यहां काफी मंदिर और दूसरे धार्मिक स्थल हैं।गोपालगंज के महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों में थावे दुर्गा माता मंदिर, मांझा का किला, दिघवा दुबौली का वामन गांडेय तालाब, सिरिसिया और कुचायकोट में राजा मलखान का किला आदि हैं। प्राचीन थावे मंदिर में दूर-दूर से लोग आते हैं।गोपालगंज जिले की अर्थव्यवस्था बहुत अच्छी नहीं है। गोपालगंज को पिछड़ा जिला होने की वजह से पंचायती राज मंत्रालय की ओर से फंड मिलता है। जिले की अर्थव्यवस्था खेती के अलावा लघु उद्योगों पर निर्भर है।लघु उद्योगों में चीनी और वनस्पति तेल की मिलें आती हैं। औद्योगिक क्षेत्र मुख्य रूप से गोपालगंज, सासामुसा, सिधवलिया और हथुआ में हैं। जिले के मुख्य बाजार गोपालगंज और मीरगंज में हैं।स्वतंत्रता सेनानी, पूर्व केंद्रीय मंत्री और केरल की गवर्नर रहीं रामदुलारी सिन्हा भी गोपालगंज से रही हैं। पिछले कुछ समय में अपने अभिनय से काफी तारीफें बटोरने वाली बॉलीवुड अभिनेता पंकज त्रिपाठी भी गोपालगंज जिले से हैं।ranjana pandey