बडकागांव पूर्व विधायक अम्बा प्रसाद ने एक्स पर लिखा ”हज़ारीबाग में पुलिस प्रशासन ने गरीब रैयतों को अपराधी करार देकर थाने में बंद किया, उन्हें बुरी तरह पीटा और दो दिन की रिमांड पर रखा गया। यह कृत्य न केवल निंदनीय है बल्कि लोकतांत्रिक अधिकारों का खुला उल्लंघन है।पूरे ज़िले के लगभग 400 पुलिसकर्मी और दर्जनों थाना प्रभारियों ने मिलकर इन मासूम रैयतों को अपराधी बनाया और उन पर 307 जैसी गम्भीर धाराएँ थोप दीं एवं रात भर उनको थाने में पीटा।आखिर यह कहाँ तक न्यायसंगत है कि अपने हक़ की माँग करने वाले गरीबों को अपराधी ठहराया जाए और उन पर पुलिसिया ज़ुल्म ढाया जाए?यदि पुलिस-प्रशासन को सचमुच कार्रवाई करनी है तो उन्हें उन अवैध खनन करने वाली कंपनियों पर करनी चाहिए, जिनके ख़िलाफ़ माननीय न्यायालय ने भी SP और DGP से रिपोर्ट माँगी है।हम सबको न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है कि गरीब रैयतों के साथ न्याय होगा और भ्रष्ट ऋत्विक कंपनी के मालिक भाजपा सांसद सीएम रमेश तथा उनके भाई सीएम राजेश पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई होगी।आखिर प्रशासन किसके लिए है जनता के लिए या कंपनी की कठपुतली बनने के लिए?विस्थापित मज़दूर संघर्ष ज़िंदाबाद!जय झारखंड!”




