रांची: एक बार फिर सोशल मिडिया पर झामुमो और भाजपा में टकराव देखने को मिला. झामुमो ने पलटवार करते हुए भाजपा अपर सवाल खड़े करते हुए लिखा है कि ”वन्दे मातरम् पर भाजपा को अचानक इतना दर्द क्यों हो रहा है?” जिसपर भाजपा ने प्रतिक्रिया दी ”वन्दे मातरम् पर दर्द भाजपा को नहीं, नकली सेक्युलरिज़्म के ठेकेदारों को हो रहा है!”दरअसल सोशल मिडिया पर आरोप प्रत्यारोप का ये सिलसिला तब शुरू हुआ जब भाजपा ने एक्स पर लिखा, पूरा देश आगे बढ़ गया, लेकिन कांग्रेस की सोच आज भी 1937 में अटकी है!‘वंदे मातरम्’ सिर्फ एक गीत नहीं, बल्कि हमारी आज़ादी की लड़ाई, राष्ट्रभक्ति और करोड़ों भारतीयों की भावना की पहचान है। जिसपर झामुमो ने भाजपा को सलाह दे डाली ”‘वन्दे मातरम्’ पर राजनीति मत कीजिए।भारत माता के नाम पर भारतवासियों के हक मत कुचलिए।”
भाजपा ने झामुमो को प्रतिक्रिया देते हुए लिखा ,पेपर लीक, जमीन लूट, घुसपैठ – और बात राष्ट्रवाद की?रोजगार, किसान और आदिवासी की बात करने से पहले बताओ JSSC-CGL से लेकर सिपाही भर्ती तक हर पेपर तुम्हारी सरकार में क्यों लीक हुआ।साहेबगंज-पाकुड़ में आदिवासी जमीन घुसपैठियों को किसने दी और धान-खाद घोटाला किसके राज में हुआ?वन्दे मातरम् किसी दल का नहीं तो उसका अपमान करने का हक भी तुम्हें नहीं, भारत माता के नाम पर जनता का हक अगर किसी ने कुचला है तो वो JMM है जिसने बालू, जमीन और नौकरी सब बेच दी।राष्ट्र प्रथम है – और राष्ट्र का मतलब जनता है, और जनता इस बार JMM को उखाड़ फेंकेगी।
फिर झामुमो को प्रतिक्रिया देते हुए लिखा , वन्दे मातरम् पर भाजपा को अचानक इतना दर्द क्यों हो रहा है?भाजपा जो आज़ादी की लड़ाई की माफ़ीवीर बनी रही – वह भारतीयों को देशभक्ति ना सिखाए। झारखंड में भी यही हो रहा है। चुनाव आता नहीं कि घुसपैठ, राष्ट्रवाद और धर्म की राजनीति शुरू कर देते हैं आप। और उसके बाद झारखंड के खनिज की लूट शुरू भाजपा ने हर चुनाव में बड़े-बड़े वादे किए। कभी करोड़ों रोजगार, कभी किसानों की आय दोगुनी, कभी आदिवासियों के अधिकारों की रक्षा। अब उन वादों का हिसाब मांगो तो सामने से नया मुद्दा—“वन्दे मातरम् का अपमान!”अरे भाई, वन्दे मातरम् पर किसी का कॉपीराइट नहीं है। भारत माता आपकी भी है, हमारी भी है।और झारखंड के आदिवासियों को राष्ट्रभक्ति मत सिखाइए। जिस धरती के बिरसा, सिद्धो-कान्हू, चांद-भैरव और तिलका मांझी ने अंग्रेजों से लोहा लिया, उस झारखंड को भाजपा से देशभक्ति का सर्टिफिकेट लेने की जरूरत नहीं है।साहेबगंज-पाकुड़ में घुसपैठ की बात करते हैं – तो केंद्र में इतने साल से आपकी सरकार है, सीमा आपकी जिम्मेदारी है, फिर कार्रवाई क्यों नहीं?हर सवाल का जवाब घुसपैठ और हर नाकामी का इलाज राष्ट्रवाद – यही भाजपा की राजनीति बची है।जनता अब समझ चुकी है।आपकी तरह राजनीति करने से पेट नहीं भरता। नारे लगाने से नौकरी नहीं मिलती। और 1937 की कहानी सुनाने से 2026 के वादे पूरे नहीं होते।वन्दे मातरम् भारत का है। राष्ट्र भारत के लोगों से है। और झारखंड की जनता अब जुमलों नहीं – काम का हिसाब लेगी।आपकी केंद्र की दस इंजिन की भी और हमारी भी।
अंत में भाजपा ने तंज कसते हुए लिखा,”वन्दे मातरम् पर दर्द भाजपा को नहीं, नकली सेक्युलरिज़्म के ठेकेदारों को हो रहा है!”




