पटना : बिहार विधानसभा चुनाव का देश की सियासत में अलग ही रोमांच है. बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा? इस सवाल का जवाब कल शाम तक मिल ही जाएगा. खैर, बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन की ओर से मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव का आज जन्मदिन है. तेजस्वी यादव आज 31 साल के हो गए.
आज अपना जन्मदिन मना रहे तेजस्वी यादव को क्या बिहार की जनता मुख्यमंत्री की कुर्सी का उपहार देगी? एग्जिट पोल में तो यही अनुमान सामने आए हैं. हालांकि, चुनाव नतीजे तेजस्वी के जन्मदिन के एक दिन बाद आएंगे. ऐसे में अगर नतीजे एग्जिट पोल के मुताबिक ही रहे तो तेजस्वी को अपने 32वें जन्मदिन पर अब तक का सबसे बड़ा सियासी तोहफा मिल सकता है.
बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने अपनी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के कार्यकर्ताओं से सादगी से जन्मदिन मनाने की अपील की है. चुनाव प्रचार के अभियान का अग्रिम मोर्चे से नेतृत्व करते हुए तेजस्वी ने महागठबंधन के उम्मीदवारों के समर्थन में 250 से अधिक चुनावी जनसभाएं कीं. 9वीं कक्षा तक पढ़ाई करने वाले तेजस्वी लालू प्रसाद यादव के पुत्र हैं.
तेजस्वी को राजनीति विरासत में मिली है. तेजस्वी ने पहली बार साल 2015 में राघोपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था. पहला ही चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचने में सफल रहे तेजस्वी यादव, नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार में मंत्री भी रहे. तेजस्वी यादव को नीतीश कुमार ने डिप्टी सीएम बनाया था. हालांकि, बाद में आरजेडी और जेडीयू का गठबंधन टूट गया और दोनों दलों की राह जुदा हो गई.
जेडीयू से गठबंधन टूटने के बाद आरजेडी विपक्ष में आ गई. तब तेजस्वी की भूमिका भी बदल गई. तेजस्वी को विधानसभा में विपक्ष का नेता चुना गया. विधानसभा चुनाव में भी आरजेडी ने तेजस्वी को नीतीश के खिलाफ चेहरा बनाया. तेजस्वी ने आरजेडी की सरकार रहते 15 साल में हुई गलतियों के लिए माफी मांगकर अपनी सियासी मंशा साफ कर दी थी.



