बिहार विधानसभा चुनाव परिणाम में अब बेहद कम वक्त बचा है। मंगलवार दोपहर तक तस्वीर पूरी तरह साफ हो जाएगी। इस चुनाव के नतीजे कई मायनों में बेहद अहम साबित होंगे। यह चुनाव भविष्य में बंगाल और असम में कांग्रेस की रणनीति तय करेंगे। इस चुनाव में पार्टी ने कई प्रयोग किए हैं, जिनका चुनावी राजनीति पर असर का आकलन परिणाम के बाद ही होगा। 2014 के लोकसभा चुनाव में शर्मनाक हार के बाद कांग्रेस ने अपनी छवि बदलने की कोशिश की। गुजरात विधानसभा चुनाव में मुसलमान पार्टी के एजेंडे से बाहर रही। इसके बाद हुए कई दूसरे राज्यों के विधानसभा चुनाव में भी कांग्रेस मुसलमानों से जुड़े मुद्दों पर दूरी बनाती हुई नजर आई। हालांकि, 2019 के चुनाव में मिली हार के बाद पार्टी ने अपनी रणनीति में बदलाव किया।



