भारत के महान निशानेबाजों में शुमार और एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता जसपाल राणा का निधन हो गया। जसपाल राणा ने अपने शानदार करियर में देश को कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में गौरवान्वित किया। खिलाड़ी के साथ-साथ एक कोच और मार्गदर्शक के रूप में भी उन्होंने युवा प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।जसपाल राणा ने कॉमनवेल्थ गेम्स में 9 बार गोल्ड मेडल जीते थे।उन्हें फरवरी 2025 में 25 मीटर पिस्टल के लिए भारतीय जूनियर टीम का हाई परफार्मेंस कोच बनाया गया था।जसपाल राणा पेरिस ओलिंपिक में डबल ओलिंपिक मेडल (कांस्य पदक) जीतने वाली शूटर मनु भाकर के कोच भी थे।उनके निधन से भारत में शोक की लहर दौड़ गई है।1 जून को जर्मनी से लौटते समय फ्लाइट में 49 वर्षीय राणा की तबीयत बिगड़ी थी। दिल्ली में उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनके हार्ट में स्टेंट डाला गया था। शुक्रवार को मृत्यु के बाद नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) के प्रेसिडेंट कालीकेश नारायण सिंह देव ने उनके निधन की पुष्टि की। देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और झारखण्ड सीएम हेमंत सोरेन समेत देश के कई शीर्ष नेताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया है और इसे भारतीय खेल जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया है।
पीएम नरेन्द्र मोदी ने एक्स पर शोक व्यक्त किया,”श्री जसपाल राणा जी के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। उनका जाना भारतीय खेल जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है।उन्होंने निशानेबाजी में अपनी असाधारण उपलब्धियों के माध्यम से देश का गौरव बढ़ाया। एक मार्गदर्शक के रूप में उनका योगदान भी उतना ही उल्लेखनीय रहा। उन्होंने पूरे समर्पण के साथ युवा खिलाड़ियों को प्रशिक्षित किया, उनका मार्गदर्शन किया और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उत्कृष्टता, अनुशासन और खेल जगत की सेवा के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता ने उन्हें सभी का सम्मान और प्रशंसा दिलाई।इस दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएँ उनके परिवार, मित्रों और पूरे खेल समुदाय के साथ हैं।ॐ शांति।”
सीएम हेमंत सोरेन ने शोक व्यक्त किया,”भारत के महान निशानेबाजों में शुमार, एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता एवं खेल जगत के प्रेरणास्रोत श्री जसपाल राणा जी के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है।उन्होंने अपनी अद्वितीय प्रतिभा, अनुशासन और उत्कृष्टता के प्रति समर्पण से भारतीय निशानेबाजी को नई पहचान दी तथा एक कोच के रूप में कई खिलाड़ियों को प्रेरित किया। खेल जगत में उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।मरांग बुरु दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान कर शोकाकुल परिजनों एवं शुभचिंतकों को यह दुःखद घड़ी सहन करने की शक्ति दे।”




