आगरा में सिकंदरा थाना क्षेत्र के सेक्टर 10 इलाके में हैरान कर देने वाली घटना देखने को मिली है.बुधवार की सुबह एक नाबालिग लड़की समेत एक ही परिवार के तीन सदस्य अपने घर में फंदे से लटके मिले।तीनों की कथित तौर पर आत्महत्या से मौत हुई थी।मृतकों की पहचान सोनू, उनकी पत्नी गीता और आठ साल की बेटी सृष्टि के रूप में हुई है।परिवार का दस वर्षीय बेटा श्याम अकेला जीवित है।शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
परिजनों के मुताबिक सोनू ने करीब 15 साल पहले गीता से शादी की थी और आवास विकास कॉलोनी में अलग रहता था।करीब छह साल पहले सोनू का एक्सीडेंट हो गया और फिर उसने अपने पिता के बिजनेस में काम करना शुरू कर दिया। महामारी आने पर उसने काम करना बंद कर दिया और अपने माता-पिता के घर में रह रहा था।
उनके माता-पिता उनके परिवार का खर्च उठाते थे और सोनू ने उनके बच्चों की शिक्षा बंद कर दी थी।सोनू की मां ने पुलिस को बताया कि उसका पोता श्याम सुबह नीचे आया और वापस जाने से इनकार कर दिया। पूछने पर उसने बताया कि उसके पिता, मां और बहन रस्सी से लटके हुए हैं।“हमने जाकर उन्हें लटका देखा जिसके बाद हमने पुलिस को सूचित किया,” उसने कहा।एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि बेटा घटना के बारे में बात नहीं कर रहा था। यह दिलचस्प था कि वह सुसाइड पैक्ट का हिस्सा नहीं था।
पुलिस के मुताबिक़ प्रथम दृष्टया ये लग रहा है आर्थिक तंगी के चलते ये कदम उठाया गया है.पुलिस को मौके से सुसाइड नोट मिला है.बच्ची को डिक्टेट करके सुसाइड नोट लिखा गया था. सुसाइड नोट के मुताबिक वह बेरोजगार था.परिवार का खर्च चलाने में परेशानी होती थी.उस नोट में किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया है.



