रांची के मेदांता अस्‍पताल में नर्सिंग स्टाफ के पिता को भी नहीं मिला सका बेड हुई मौत लोगो ने किया हंगामा।

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रांची के मेदांता अस्‍पताल में नर्सिंग स्टाफ के पिता को भी नहीं मिला सका बेड हुई मौत लोगो ने किया हंगामा।

ओरमांझी (रांची) मेदांता हॉस्पिटल के नर्सिंग कर्मी के स्वजन की स्थिति बिगड़ने के बाद भी हॉस्पिटल में बेड नहीं मिला। इस कारण उनकी मौत हो गई।  कर्मियों द्वारा मेदांता प्रबंधन पर आरोप लगाया गया कि यहां पैसे लेकर वीआइपी लोगों को बेड मैनेज किया जा रहा है। वहीं, सामान्य लोगों के साथ अलग व्यवहार किया जा रहा है। हंगामा कर रहे कर्मी अपने बीमार स्वजनों को भी मेदांता में स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने की मांग कर रहे थे।  हंगामे की सूचना मिलने पर सिल्ली डीएसपी ख्रिस्टोफर केरकेट्टा, कोविड-19 ओरमांझी प्रखंड के इंसिडेंट कमांडेंट सह सीओ विजय केरकेट्टा, ओरमांझी थाना प्रभारी श्याम किशोर महतो व हुटुप टीओपी प्रभारी जामादार सिंह मुंडा पुलिस जवानों के साथ पहुंचे। सभी ने कर्मियों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन, कर्मी नहीं माने और अपनी मांगों पर अड़े रहे  मेदांता हॉस्पिटल की नर्स सिमडेगा निवासी नमिता खेस के पिता प्रताप कुमार खेस बीमार थे। बेड की कमी बता उसके पिता को प्रबंधन ने भर्ती लेने से इन्कार कर दिया। बाद में कर्मियों के विरोध के बाद जब वहां एंबुलेंस भेजी गई, तबतक उनकी मौत हो गई थी। कर्मियों ने आरोप लगाया कि इससे पूर्व मेदांता हॉस्पिटल की नर्स निर्मला मिंज प्रेग्‍नेंट व बीमार थी। पर, उन्हें भी मेदांता में उपचार नहीं मिला। इस कारण गर्भ में नवजात की मौत हो गई। निर्मला मिंज की भी हालत बिगड़ गई है।  मेदांता में कार्यरत डाॅ. नीरज कुमार के बीमार भाई तक को बेड नहीं मिला।

नमिता के पिता की मौत व निर्मला के हालत बिगड़ने से नाराज कर्मी मंगलवार को सुबह नौ बजे से ही हंगामा करने लगे। नाराजकर्मी मेदांता का बेड मैनेज करने वाली रिचा प्रसाद को भी हटाने की मांग कर रहे थे। दोपहर एक बजे के बाद सिल्ली डीएसपी ख्रिस्टोफर केरकेट्टा, इंसिडेंट कमांडेंट सीओ विजय केरकेट्टा व थाना प्रभारी द्वारा प्रबंधक व हंगामा कर रहे कर्मियों के प्रतिनिधि के साथ वार्ता कराई गई। इसमें कहा गया कि किसी भी कर्मी के बीमार स्वजन को बेड खाली रहने पर प्राथमिकता में भर्ती लिया जाएगा।  कर्मियों ने बताया कि जहां चार नर्स की जरूरत होती है, वहां एक नर्स को ड्यूटी पर लगाया गया था। वहीं, चिकित्सक भी खुद मरीजों की देखभल कर रहे थे। कर्मियों ने कहा कि अभी देश के हालात देखते हुए हड़ताल में जाने का इरादा नहीं है। बताया गया कि कोविड-19 संक्रमण के दौरान भी मशीन पर अंगूठा लगाकर हाजिरी बनवाई जा रही है। कई कर्मियों से डबल ड्यूटी लिया जा रहा है। सैनिटाइजेशन व भोजन की भी व्यवस्था ठीक नहीं है। कम-से-कम व्यवस्था में सुधार होना चाहिए।