झारखण्ड: आज रांची से लौटते वक्त गोविंदपुर के पास मंत्री इरफान अंसारी ने एक बुज़ुर्ग श्री सुलेमान अंसारी को सड़क पर घायल हालत में देखा जिन्हें किसी गाड़ी ने टक्कर मारी थी और फरार हो गया था। कई गाड़ियां गुजर रही थीं, लेकिन कोई नहीं रुका।मंत्री इरफान अंसारी ने तुरंत काफिला रुकवाया, उन्हें उठाया, प्राथमिक उपचार कराया और गाड़ी कर धनबाद सदर अस्पताल भिजवाया। सिविल सर्जन को बेहतर इलाज का निर्देश दिया और आर्थिक मदद भी दी।जब उनकी नातिन ने रोते हुए कहा – “अगर आप नहीं होते तो आज मेरे दादा जिंदा नहीं होते…” ये सुनते ही मंत्री का मन भीतर से हिल गया। मंत्री ने एक्स पर घटना का जिक्र करते हुए लिखा ”नेता होना जिम्मेदारी है, लेकिन सबसे पहले हम इंसान हैं।
जहां ज़रूरत हो, वहां रुकना ही इंसानियत है।”




