अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत समेत कई देशों पर भारी-भरकम टैरिफ लगाने की घोषणा की है। जिससे कई देशों के शेयर बाजार में गिरावट दर्ज की गई है। वहीं अमेरिका के शेयर बाजार में भी भारी गिरावट दर्ज की गई है।अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सभी देशों पर कड़े टैरिफ लगाने का खराब असर अमेरिकी शेयर बाजारों में भी देखने को मिला है. अमेरिका के शेयर बाजार ने अगस्त की शुरुआत भारी गिरावट के साथ की है. शुक्रवार को डाओ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज 502 अंक टूट गया, जो कि 1.4 फीसदी की गिरावट है. वहीं, S&P 500 में 1.6% और नास्डैक कंपोजिट में 2.1 फीसदी की गिरावट आई. इसकी वजह कमजोर जॉब डेटा और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए टैरिफ बताए जा रहे हैं.
साल 2025 की पहली छमाही में अमेरिका की जीडीपी ग्रोथ 1.3 फीसदी रही, जो पिछले साल 2.8 फीसदी थी.पहले से भी महंगाई, स्लो जीडीपी ग्रोथ और मंदी की मार झेल रही अमेरिकी इकोनॉमी को बड़ा झटका लग सकता है.एसबीआई रिसर्च रिपोर्ट की माने तो अमेरिका को कम GDP, ज्यादा महंगाई और डॉलर के कमजोर होने का सामना करना पड़ सकता है. इस रिपोर्ट के मुताबिक भारत के मुकाबले टैरिफ की वजह से अमेरिका की जीडीपी, महंगाई और करंसी के नीचे जाने का ज्यादा रिस्क है.
बता दें कि भारत में अमेजन की हिस्सेदारी 32 फीसदी, ऐप्पल की 23 फीसदी, यूट्यूब के 50 करोड़ यूजर्स, फेसबुक, इंस्टाग्राम, गूगल का बड़ा बाजार है. एसबीआई रिसर्च रिपोर्ट के मुताबिक टैरिफ की वजह से अमेरिका में महंगाई साल 2026 तक 2 फीसदी के तय टारगेट से ऊपर रहेगी. ट्रंप के फैसले की वजह से शॉर्ट-टर्म में औसत रूप से एक अमेरिकी घर पर 2400 डॉलर यानी 209287 रुपये का बोझ बढ़ेगा. अमेरिका कर्ज और महंगाई के चंगुल में फंस जाएगा.
इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत पर 25% टैरिफ को 7 दिन के लिए टाल दिया है। ये आज से लागू होना था, जो अब 7 अगस्त से लागू होगा।ट्रम्प ने 92 देशों पर नए टैरिफ की लिस्ट जारी की है। इसमें भारत पर 25% और पाकिस्तान पर 19% टैरिफ लगाया गया है। हालांकि, कनाडा पर आज से ही 35% टैरिफ लागू हो गया है।




