रांची: बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल में बंद 2011 बैच की झारखंड कैडर की आईएएस अधिकारी छवि रंजन ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए)) की विशेष अदालत में एक याचिका दायर की है जिसमें उन्होंने अदालत से जेल में सप्ताह में दो बार अपनी पत्नी और बच्चे से मिलने की अनुमति मांगी है।याचिका में उन्होंने यह भी मांग की है की कानूनी सलाह के लिए उनके अधिवक्ता को भी 2 दिन मुलाकात करने की अनुमति मिले।कोर्ट में आवेदन दिया गया है। जिस पर ईडी कोर्ट में सुनवाई हुई। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। कोर्ट ने अभी तक याचिका पर कोई आदेश पारित नहीं किया है।आदेश 22 मई को पारित किया जाएगा।अदालत द्वारा याचिका में आदेश की तारीख तय करने से पहले, ईडी के विशेष सरकारी वकील शिव कुमार काका ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि एक कैदी को जेल मैनुअल और मैनुअल के अनुसार ही सुविधा मिल सकती है, जो सप्ताह में एक बार मिलने की अनुमति देता है।
ज्ञात हो क़ि आईएएस रंजन रांची का नाम रांची और अन्य में सेना की जमीन से जुड़े एक घोटाले में सामने आया था।ईडी ने उन्हें 4 मई को तब गिरफ्तार किया जब वह अपनी पत्नी से मिले और अगली तारीख को अदालत में पेश हुए।उसने पूछताछ के दौरान बिजली दलाल और ईडी के आरोपी प्रेम प्रकाश के साथ अपने किसी भी संबंध से इनकार किया, लेकिन ईडी ने 5 मई की रात जेल में प्रकाश के साथ रंजन की मुलाकात का खुलासा करते हुए एक सीसीटीवी फुटेज हासिल किया।ईडी के अधिकारी अब तक इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं कि आईएएस अधिकारी ने अपने आधिकारिक पद और प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए रांची में एक भूमि घोटाले का मास्टरमाइंड किया था। कोर्ट ने उन्हें 25 मई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।



