मास्क नहीं लगाने पर रेलवे वसूल रहा 500 रुपये; जहां-तहां थूकने पर भी जुर्माना
भारतीय रेल अपने मुसाफिरों की ट्रेन यात्रा को जहां सुगम और सुरक्षित बनाने में जुटा है। वहीं देशभर में बेतहाशा बढ़ रहे कोरोना वायरस संक्रमण के चलते एक बार फिर से लॉकडाउन की प्रबल आशंका बन गई है। ऐसे में भारतीय रेल द्वारा बमुश्किल अधिक किराया-भाड़ा के साथ शुरू की गई स्पेशल ट्रेनों के बंद होने का डर भी रेलयात्रियों को सता रहा है। महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार समेत देशभर में बढ़ते कोविड मामलों के मद्देनजर भारतीय रेलवे ने शनिवार को बड़ा और कड़ा फैसला किया है। कोरोना वायरस महामारी के प्रसार को रोकने लिए रेलवे ने रेल परिसर और ट्रेनों में फेस मास्क न लगाने या जहां-तहां थूक फेंकने पर 500 रुपये के जुर्माने का प्रावधान किया है। तर्क यह है कि भारतीय रेल के इस एहतियाती कदम के चलते कारोना वायरस संक्रमण को एक हद तक रोकने में सफलता मिलेगी। हालांकि, गरीब-गुरबा और सीधे-सादे आम रेलयात्रियों के लिए पांच सौ रुपये का जुर्माना मुश्किल का सबब बन जाएगा। रेलवे ने ट्रेन यात्रा में कोरोना वायरस संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए एक और बड़ा कदम उठाते हुए कहा कि रेलवे परिसर यथा स्टेशन, प्लेटफॉर्म आदि पर या फिर यात्रा के दौरान ट्रेनों में यात्रियों को यत्र-तत्र थूकने और फेस मास्क न पहनने के लिए 500 रुपये तक का जुर्माना लगाएगा रेलवे की ओर से 500 रुपये जुर्माना के प्रावधान वाले आदेश आज ही जारी किए गए हैं। सरकारी गाइडलाइन के मुताबिक कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए विशिष्ट दिशा निर्देशों में से फेस कवर या मास्क पहनना सबसे अहम और अनिवार्य है। भारतीय रेलवे द्वारा ट्रेनों में आवाजाही के लिए बीते साल मानक परिचालन प्रक्रिया (एसओपी) लाया गया था, जिसमें कहा गया है कि सभी यात्रियों को यह सलाह दी जानी चाहिए कि वे स्टेशन में प्रवेश के दौरान और ट्रेन यात्रा के दौरान फेस कवर/मास्क अनिवार्य तौर पर पहने रहें।



