जामताड़ा: जामताड़ा प्रखंड की गोपालपुर पंचायत के कदमपारा टोला गांव में रहने वाले 7 वर्षीय मंजू सोरेन और उसके 4 वर्षीय भाई सुशील सोरेन की स्थिति सामने आने के बाद मुख्यमंत्री के निर्देश पर जामताड़ा जिला प्रशासन ने दोनों बच्चों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
दरअसल, करीब एक वर्ष पहले आग की एक घटना में बच्चों की मां ललिता मुर्मू की मौत हो गई थी। इसके कुछ महीनों बाद पिता साहब लाल सोरेन का भी निधन हो गया। माता-पिता के निधन के बाद दोनों मासूम पूरी तरह अनाथ हो गए और अब उनकी देखभाल उनकी बड़ी मां बालमुनी हेमरम कर रही हैं, जो ईंट भट्टे पर दिहाड़ी मजदूरी कर किसी तरह परिवार का भरण-पोषण कर रही हैं।बच्चों का जन्म प्रमाण पत्र और आधार कार्ड नहीं बनने के कारण उन्हें न तो सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राशन मिल पा रहा था और न ही स्कूल में दाखिला हो सका। आर्थिक तंगी के कारण परिवार के सामने रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना भी बड़ी चुनौती बन गया है।
मामला सामने आने के बाद मुख्यमंत्री ने जामताड़ा के उपायुक्त (डीसी) को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि दोनों बच्चों की शिक्षा और समुचित देखभाल सुनिश्चित करने के लिए हर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाए। साथ ही उन्हें स्पॉन्सरशिप योजना एवं अन्य कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जाए।मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद जामताड़ा उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को दोनों बच्चों को स्पॉन्सरशिप सहित सभी पात्र सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा, उनकी अभिभावक बालमुनी हेमरम को भी नियमानुसार विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया गया है।




