आयुष्मान योजना के तहत अब आसानी से सूचीबद्ध हो सकेंगे प्राइवेट हॉस्पिटल,सरकारी अस्पताल से सर्जरी के लिए रेफरल अनिवार्यता खत्म

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आयुष्मान योजना के तहत अब प्राइवेट अस्पतालों में मरीजों को इलाज कराने में परेशानी नहीं होगी। शनिवार को झारखंड स्टेट आरोग्य सोसायटी ने शुद्धिपत्र जारी करते हुए तमाम पाबंदियों से छूट पत्र में बताया कि प्राइवेट अस्पतालों में आयुष्मान भारत योजना के तहत लगाई गई पाबंदियों पर विभागीय मंत्री के पीत पत्र व विभिन्न संस्थानों ने पूर्व के आदेश के कुछ बिंदुओं पर आपत्ति जताई थी। जिस कारण आरोग्य सोसायटी के कार्यकारी निदेशक ने 4 सदस्यीय समिति बनाई और 25 जुलाई को समिति की रिपोर्ट पेश होने के बाद सर्जरी के लिए भर्ती मरीज की 24 घंटे भर्ती की अनिवार्यता खत्म कर दी गई।मालुम हो कि 13 जून को झारखंड स्टेट आयोग्य सोसाइटी के तात्कालीन निदेशक डॉ. भुवनेश प्रताप सिंह द्वारा आदेश जारी करते हुए प्राइवेट अस्पतालों में आयुष्मान भारत योजना के तहत पाबंदिया लगाई गई थी. इसमें मोतियाबिंग के ऑपरेशन में सरकारी अस्पताल द्वारा रेफरल आवश्यक होगा, जबकि नए प्राइवेट आंख के अस्पताल को आयुष्मान भारत योजना से सूचीबद्ध होने के लिए कम से कम 3 साल का क्लीनिकल इस्टैब्लिशमेंट एक्ट के तहत निबंधन होना जरुरी किया गया था. साथ ही मरीज को ऑपरेशन के लिए कम से कम 24 घंटे का भर्ती जरुरी होगा. भुवनेश प्रताप ने जारी इस आदेश में स्पष्ट लिखा था कि वैसे अस्पताल जो भविष्य में केवल आयुष्मान योजना के तहत सूचीबद्ध होने के लिए खोले जा रहे हैं, उन पर रोक लगाई जा सकेगी.शनिवार को झारखंड स्टेट आरोग्य सोसायटी द्वारा शुद्धि पत्र जारी करते हुए इन तमाम पाबंदियों से छुट दे दी गई है.

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