कोरोना महामारी के बीच संसद का मॉनसून सत्र आज से शुरू हो रहा है। 18-दिवसीय संसद सत्र 14 सितंबर से 1 अक्टूबर के बीच आयोजित किया जाना है। संसद सत्र के दौरान विपक्षी दलों ने मोदी सरकार को कई मुद्दों पर घेरने की तैयारी की है। विपक्ष कोरोना संकट से लेकर देश की गिरती अर्थव्यवस्था, भारत-चीन सीमा तनाव, बेरोजगारी, जीएसटी में राज्यों की हिस्सेदारी सहित किसानों के मुद्दे पर सरकार के खिलाफ हल्ला बोलेगा। वहीं, किसान संगठन संसद से बाहर सड़क पर सरकार को घेरने के लिए जंतर-मंतर पर धरना प्रदर्शन करेंगे। संसद में मानसून सत्र आमतौर पर जुलाई के मध्य में होता है। इस साल भारत में कोविद -19 मामलों के वजह से यह कुछ समय बाद हो रहा है। रविवार को भारत के कोविद -19 टैली ने पिछले 24 घंटों में पूरे देश में 94,372 लोगों के सकारात्मक परीक्षण हुए है।
COVID-19 महामारी के बीच होने वाला यह पहला संसद सत्र होगा। इसलिए COVID-19 के लिए जारी दिशानिर्देशों के अनुसार सत्र के संचालन के लिए सभी सुरक्षा उपाय किए गए हैं। रविवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने महामारी के बीच सभी सांसदों को एक पत्र के साथ एक सुरक्षा COVID-19 किट भेजी है।



