झारखंड में बड़े पैमाने पर 201 DSP की ट्रांसफर-पोस्टिंग,नीरज कुमार हटिया (रांची) के नए DSP

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Transfer and Posting of 201 DSPs

रांची: झारखंड सरकार के गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा 201 पुलिस उपाधीक्षकों (DSP) का स्थानांतरण और पदस्थापन राज्य की कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से किया गया है। इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल की आधिकारिक अधिसूचना 20 मई 2026 (बुधवार) को जारी की गई. जून 2025 से प्रमोशन पाकर पदस्थापन की राह देख रहे 64 नवप्रोन्नत डीएसपी को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। अक्टूबर 2024 से अपना प्रशिक्षण पूरा कर पोस्टिंग का इंतजार कर रहे 39 नवनियुक्त (प्रशिक्षु) डीएसपी अधिकारियों को भी पहली पोस्टिंग दी गई है।अमित कुमार को अपर पुलिस अधीक्षक (अभियान, हजारीबाग) और रूपक कुमार सिंह को अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (सदर, हजारीबाग) की कमान सौंपी गई है।

नीरज कुमार: पहले गढ़वा में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी थे ➔ अब उन्हें हटिया (रांची) का अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) बनाया गया है।
आलोक कुमार सिंह: पहले इंस्पेक्टर रैंक से नवप्रोन्नत होकर पदस्थापन की प्रतीक्षा में थे ➔ अब उन्हें रांची का पुलिस उपाधीक्षक (C.C.R.) बनाया गया है।
अजय आर्यन: पहले पाकुड़ जिले में प्रशिक्षु (Trainee) डीएसपी के रूप में तैनात थे ➔ अब उन्हें रांची का पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय-2) बनाया गया है।
रामाकान्त रजक: पहले इंस्पेक्टर रैंक से नवप्रोन्नत होकर पदस्थापन की प्रतीक्षा में थे ➔ अब उन्हें रांची का पुलिस उपाधीक्षक (यातायात-1) बनाया गया है।
श्री ताराश सोरेन: पहले इंस्पेक्टर रैंक से नवप्रोन्नत होकर पदस्थापन की प्रतीक्षा में थे ➔ अब उन्हें रांची का पुलिस उपाधीक्षक (यातायात-2) बनाया गया है।
राजेश यादव: पहले पुलिस मुख्यालय में पदस्थापन की प्रतीक्षा में थे ➔ अब उन्हें पलामू का सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) बनाया गया है।
अमित कुमार: पहले पुलिस मुख्यालय/सामान्य प्रभाग में थे ➔ अब उन्हें रांची का सदर पुलिस उपाधीक्षक (DSP) बनाया गया है।
प्रमोद कुमार केशरी: पहले अन्य विंग में तैनात थे ➔ अब उन्हें रांची का ट्रैफिक पुलिस उपाधीक्षक (DSP) बनाया गया है।
कुमार वेंकटेश रमन: पहले विशेष शाखा (Special Branch) में कार्यरत थे ➔ अब उन्हें रांची का सिटी पुलिस उपाधीक्षक (DSP) बनाया गया है।
अजीत कुमार कुजूर: पहले पुलिस मुख्यालय में पदस्थापन की प्रतीक्षा में थे ➔ अब उन्हें किरीबुरू का अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) बनाया गया है।

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