रांची | झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने आज प्रेस कांफ्रेंस में राज्य सरकार पर प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और विश्वसनीयता को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि हेमंत सरकार के कार्यकाल में युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है और छात्र लगातार ठगे जा रहे हैं। आज प्रेस कॉन्फ्रेंस में मरांडी ने कहा कि JPSC परीक्षा को लेकर व्यापक स्तर पर भ्रष्टाचार की चर्चा है। उनके अनुसार, ऐसी बातें सामने आ रही हैं कि प्रारंभिक परीक्षा (PT) में सफल कराने के लिए ₹5 लाख, मुख्य परीक्षा के लिए ₹25 लाख और इंटरव्यू के लिए ₹10 लाख तक की अवैध वसूली की जाती है। उन्होंने कहा कि यदि इन आरोपों में सच्चाई है, तो यह झारखंड के युवाओं के भविष्य के साथ गंभीर अन्याय है।
मरांडी ने यह भी दावा किया कि पूर्व JPSC अध्यक्ष एल. ख्यांगते को जनवरी में एक युवा अभ्यर्थी द्वारा पत्र लिखकर परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जानकारी दी गई थी। इसके बावजूद समय रहते कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार सीआईडी जांच के नाम पर मामले की लीपापोती करने का प्रयास कर रही है। मरांडी ने मांग की कि इस्तीफा देकर जिम्मेदारी से बचने की कोशिश करने वाले पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांगते के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए तथा पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।




