रांची: डूरंड कप 2026 के सफल, सुरक्षित और व्यवस्थित आयोजन को लेकर रविवार को मोरहाबादी स्थित फुटबॉल स्टेडियम में प्रतिनियुक्त पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों की ब्रीफिंग आयोजित की गई। जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री और वरीय पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन ने संयुक्त रूप से अधिकारियों को उनकी जिम्मेदारियों से अवगत कराया और आयोजन के दौरान सतर्कता, समन्वय तथा जवाबदेही के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने कहा कि डूरंड कप देश के सबसे प्रतिष्ठित फुटबॉल टूर्नामेंटों में से एक है और रांची को इसकी मेजबानी मिलना गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों, दर्शकों और आगंतुकों को सुरक्षित एवं बेहतर अनुभव उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्धारित समय से पहले ड्यूटी स्थल पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का भौतिक सत्यापन करने तथा किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल कंट्रोल रूम और वरीय अधिकारियों को देने का निर्देश दिया।
डीसी ने स्टेडियम परिसर, प्रवेश एवं निकास द्वार, वीआईपी गैलरी, खिलाड़ियों के आवागमन मार्ग, पार्किंग स्थल और दर्शक दीर्घा में विशेष निगरानी रखने को कहा। साथ ही भीड़ प्रबंधन, बैरिकेडिंग, पार्किंग, पेयजल, शौचालय, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था और अन्य मूलभूत सुविधाओं की लगातार मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को आम दर्शकों के साथ विनम्र एवं सहयोगात्मक व्यवहार करने और किसी भी अफवाह या विवाद को प्रारंभिक स्तर पर ही नियंत्रित करने के निर्देश दिए।
वरीय पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन ने कहा कि मैच के दौरान सुरक्षा व्यवस्था सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। उन्होंने सभी पुलिस अधिकारियों और जवानों को पूरी सतर्कता एवं अनुशासन के साथ ड्यूटी निभाने का निर्देश देते हुए कहा कि बिना अनुमति कोई भी अधिकारी अपना ड्यूटी प्वाइंट नहीं छोड़ेगा।
एसएसपी ने प्रवेश द्वारों पर प्रत्येक दर्शक की अनिवार्य सुरक्षा जांच, प्रतिबंधित वस्तुओं पर कड़ी निगरानी और भीड़ के सुव्यवस्थित प्रवेश एवं निकास को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने वीआईपी मूवमेंट, खिलाड़ियों और टीम अधिकारियों की सुरक्षा, यातायात एवं पार्किंग प्रबंधन तथा आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली को लेकर विशेष सतर्कता बरतने को कहा। संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की सूचना तत्काल कंट्रोल रूम को देने और वायरलेस संचार व्यवस्था के माध्यम से लगातार संपर्क में रहने के निर्देश भी दिए गए।
ब्रीफिंग के दौरान अधिकारियों को स्टेडियम की सेक्टरवार जिम्मेदारियों, सुरक्षा जांच, यातायात नियंत्रण, पार्किंग व्यवस्था, वीआईपी प्रोटोकॉल, मीडिया समन्वय, आपातकालीन निकासी योजना और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की विस्तार से जानकारी दी गई।
बैठक में अपर जिला दण्डाधिकारी (विधि-व्यवस्था), पुलिस अधीक्षक (नगर), पुलिस अधीक्षक (ट्रैफिक), अनुमंडल पदाधिकारी (सदर) सहित भारतीय सेना और प्रशासन के अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।




