हजारीबाग, 30 जुलाई। झारखंड में जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर जारी विवाद के बीच नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने गुरुवार को हजारीबाग के सर्किट हाउस में आयोजित प्रेस वार्ता में राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। मरांडी ने कहा कि रांची में आंदोलन कर रहे युवा केवल अपने अधिकारों के लिए नहीं, बल्कि झारखंड के भविष्य को बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि इस आंदोलन के साथ राज्य की चार करोड़ जनता की भावनाएं और समर्थन जुड़ा हुआ है।नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि जेपीएससी परीक्षा कराने वाली एजेंसी से जुड़े कुछ लोग पहले स्वयं सरकारी नौकरी में शामिल हो चुके थे और राज्य सरकार के विभिन्न पदों पर पदस्थापित रहते हुए मुख्यमंत्री के संरक्षण में कथित तौर पर सीटों की खरीद-फरोख्त का काम करते थे।उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि जेपीएससी में पदस्थापित सभी संबंधित सदस्यों को तत्काल पदमुक्त किया जाए। साथ ही पूरे मामले की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि जांच में कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करते हुए जेल भेजा जाए।
मामले पर एक्स पर मरांडी ने लिखा है कि झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में भ्रष्टाचार के मुद्दे पर हजारों छात्र सड़कों पर उतरकर निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग कर रहे हैं। लेकिन हेमंत सोरेन का इस्तीफा मांगने की बजाय राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, अरविंद केजरीवाल खामोश हैं।अगर सचमुच इन्हें छात्रों के भविष्य की चिंता होती, तो सत्ता और विपक्ष का भेद किए बिना हर परीक्षा विवाद पर समान रूप से आवाज़ उठाई जाती। इनका छात्र विरोधी चेहरा उजागर हो चुका है।


