रांची: झारखंड सरकार ने सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब राज्य के निजी अस्पतालों में भी दुर्घटना में घायल मरीजों का 1.50 लाख रुपये तक का इलाज पूरी तरह मुफ्त किया जाएगा। इलाज का खर्च मरीज या उसके परिजनों से नहीं लिया जाएगा। इसके बजाय संबंधित अस्पताल मुख्यमंत्री राहत कोष से राशि का क्लेम कर सकेंगे।इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसका लाभ लेने के लिए मरीज के पास आयुष्मान भारत योजना का कार्ड, स्वास्थ्य बीमा या किसी अन्य प्रकार का इंश्योरेंस दस्तावेज होना आवश्यक नहीं होगा। दुर्घटना में घायल व्यक्ति को सीधे इस योजना के तहत उपचार की सुविधा मिलेगी।सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार ने बताया कि योजना का उद्देश्य सड़क दुर्घटना के बाद घायल व्यक्तियों को बिना किसी आर्थिक बाधा के तत्काल और बेहतर इलाज उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि यदि कोई अस्पताल इलाज में लापरवाही बरतता है या बिना उचित कारण मरीज को रेफर करता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।




