रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भूमि घोटाला मामले में एजेंसी के सामने पेश होने के लिए प्रवर्तन निदेशालय द्वारा समन जारी करने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है, अब ईडी ने भी समन की अनदेखी करने के लिए सोरेन के खिलाफ शीर्ष अदालत का रुख किया है।रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईडी ने सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दाखिल की है. हालांकि, अभी सुनवाई की तारीख तय नहीं हुई है. सोरेन ने सुप्रीम कोर्ट में जो याचिका दायर की है, उसमें उन्होंने न्याय एवं कानून मंत्रालय और ईडी निदेशालय को प्रतिवादी बनाया है.
भूमि घोटाला मामले में ईडी ने सबसे पहले 14 अगस्त को हेमंत सोरेन को तलब किया था. ईडी के पहले समन पर मुख्यमंत्री पेश नहीं हुए थे. उन्होंने समन को असंवैधानिक और दुर्भावना से प्रेरित बताया था और समन वापस लेने को कहा था. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा था कि वह ईडी के खिलाफ कोर्ट जाएंगे. इसके बाद ईडी ने दूसरा समन भेजा और उन्हें 24 अगस्त को पेश होने को कहा. इस तारीख पर भी वह पेश नहीं हुए. उन्होंने ईडी को पत्र लिखकर कहा कि वह सुप्रीम कोर्ट गए हैं. अब वे कोर्ट के फैसले के मुताबिक आगे बढ़ेंगे.सोरेन ने ईडी पर आरोप लगाते हुए कहा है कि ईडी केंद्र सरकार के इशारे पर काम कर रही है और लोकतांत्रिक तरीके से चुनी हुई सरकार को अस्थिर करने की कोशिश कर रही है. ईडी को दिए अपने जवाब में मुख्यमंत्री ने यह भी कहा है कि वह पहले ही अपनी आय-व्यय और चल-अचल संपत्ति का पूरा ब्योरा ईडी को सौंप चुके हैं. इसके बावजूद सरकार को बदनाम करने के लिए उन्हें बुलाया गया है.



