विश्व आर्थिक मंच में झारखण्ड की भागीदारी महज संवाद नहीं, देश के लिए टर्निंग प्वाइंट का संकेत

0
hemant soren

रांची:झारखण्ड जैसे राज्य के लिए विश्व आर्थिक मंच में भागीदारी महज वैश्विक संवाद तक सीमित नहीं है बल्कि भारत के लिए एक टर्निंग प्वाइंट का संकेत है। देश के खनिजों से संपन्न राज्यों में झारखण्ड अग्रणी स्थान रखता है। यहां कोयला, लौह अयस्क, तांबा, यूरेनियम और क्रिटिकल मिनरल्स के व्यापक भंडार हैं, जो भारत के औद्योगिक, ऊर्जा और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। साथ ही, समृद्ध पारिस्थितिक तंत्र और आदिवासी बहुलता के कारण सतत एवं समावेशी विकास झारखण्ड की विकास यात्रा का मूल आधार है। ऐसे में झारखण्ड के लिए दावोस केवल औपचारिक भागीदारी का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह वह स्थान है जहां निवेश की संभावनाएं आकार लेती हैं, रणनीतिक गठबंधन बनते हैं और विकास, स्थिरता एवं लचीलेपन से जुड़े दीर्घकालिक आर्थिक दृष्टिकोण तय किए जाते हैं। यह ऐसा मंच है जहां विचार साझेदारियों में बदलते हैं और नीति, पूंजी, नवाचार तथा विकास की प्राथमिकताएं एक साथ हाथ बढ़ाती हैं। हर दिन बदलते इस दौर में जब भारत स्वयं को वैश्विक स्तर पर मैन्युफैक्चर, ऊर्जा और प्रौद्योगिकी के केंद्र के रूप में पेश कर रहा है, तब झारखण्ड के खनिज संसाधन, भूमि, मानव संसाधन और औद्योगिक आधार राष्ट्रीय विकास में इसे एक अग्रणी योगदान देने वाला राज्य बनाते हैं।

विकास की अगली कहानी को आकार देने के लिए झारखण्ड तैयार

विश्व आर्थिक मंच में अपने निर्माण के 25 वर्ष पूरे कर चुके युवा झारखण्ड की उपस्थिति केवल प्रतिनिधित्व तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वैश्विक अर्थव्यवस्था के भविष्य के साथ सामूहिक शक्ति का संकेत है। यह दर्शाता है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में युवा झारखण्ड अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ जुड़ने, उत्तरदायी निवेश आकर्षित करने और भारत तथा विश्व के विकास की अगली कहानी को आकार देने के लिए पूरी तरह तैयार है। विश्व आर्थिक मंच का सतत विकास, विश्वास और दीर्घकालिक परिवर्तन पर केंद्रित एजेंडा झारखण्ड का “प्रकृति के साथ सामंजस्य में विकास” की सोच से मेल खाता है। इस वैश्विक मंच पर भागीदारी के माध्यम से राज्य संदेश देगा कि संसाधन-समृद्ध क्षेत्र भी उत्तरदायी औद्योगीकरण, ऊर्जा सुरक्षा और जलवायु-अनुकूल विकास की दिशा में नेतृत्व कर विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।

झारखण्ड के लिए सीधे संवाद का अवसर

पिछले पांच दशकों से अधिक समय से विश्व आर्थिक मंच राष्ट्राध्यक्षों, मंत्रियों, विश्व के प्रमुख कंपनियों के सीईओ, विकास में सहयोग करने वाले बैंकों, प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने वाले लोगों और शैक्षणिक संस्थानों के लिए एक प्रमुख संवाद का मंच रहा है। विश्व आर्थिक मंच में सहभागिता झारखण्ड को वैश्विक निवेशकों, स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में कार्यरत लोगों, वित्तीय साधन, विनिर्माण कंपनियों, प्रौद्योगिकी प्रदाताओं और विकास संस्थानों से सीधे संवाद का अवसर प्रदान भी करती है। इससे राज्य को केवल कच्चे संसाधनों के स्रोत के रूप में नहीं, बल्कि मूल्यवर्धित उद्योगों, उत्तरदायी खनन, नवीकरणीय ऊर्जा, पर्यावरण अनुकूल विकास और सतत आपूर्ति श्रृंखलाओं के पार्टनर के रूप में ख़ुद को पेश करने का अवसर देगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here