धनबाद:-झारखंड सरकार गरीबों को पक्का मकान उपलब्ध कराने के लिए शुरू किया गया है। लेकिन इस योजना में पदाधिकारी,अधिकारी जनप्रतिनिधियों द्वारा भ्रष्टाचार करने का आरोप लग रहा है। योग्य लाभुक के स्थान पर अयोग्य लाभुक का चयन,पैसे लेकर करने का आरोप है।धनबाद जिले के तोपचांची प्रखंड मुखिया संघ अबुआ आवास योजना में भ्रष्टाचार के खिलाफ अनिश्चितकालीन धरना 26 फरवरी से कर रहे है। अबुआ आवास योजना में भ्रष्टाचार और बीडीओ के स्थानांतरण की मांग को लेकर मुखिया संघ ने मोर्चा खोल अनिश्चितकालीन धरना 7 दिन से कर रहे है। मुखिया संघ ग्रामीणों के आंदोलन का समर्थन गिरिडीह सांसद सीपी सिंह, बाघमारा विधायक ढुलू महतो ने करते हुए पदाधिकारी, अधिकारी और सरकार पर जनता को लूटने का आरोप लगाया है।
धरना के सातवें दिन वार्ता के लिए धनबाद एसडीएम उदय कुमार रजक धरना स्थल पहुंचे। वार्ता के दौरान प्रखंड अंचलाधिकारी डॉ संजय कुमार सिंह, प्रखंड विकास पदाधिकारी फणीश्वर रजवार मौजूद थे। मुखिया संघ के द्वारा अपनी6मांगों को एसडीएम के समक्ष रखा। मुखिया संघ के द्वारा दिए गए आवेदन में मान सम्मान, प्रोटोकॉल पालन नहीं होने की बात बताई गई है। वार्ता के दौरान एसडीएम उदय कुमार रजक ने धनबाद उप विकास आयुक्त ने टेलिफोनिक वार्ता कर समस्याओं से रूबरू करवाया। वार्ता के घंटों बाद मुखिया संघ ने पेन डाउन स्ट्राइक को वापस लेने की बात कही।वही तोपचांची मुखिया संघ के अध्यक्ष ने कहा कि अबुआ आवास योजना में भ्रष्टाचार किया जा रहा है। वीडियो मनमानी कर रहे है।इसलिए आंदोलन किया जा रहा है। एसडीएम का मान सम्मान रखते हुए पेन डाउन स्ट्राइक को समाप्त कर दिए है। लेकिन बीडीओ के स्थानांतरण और योजना की निष्पक्ष जांच होने तक आंदोलन जारी रहेगा।विधायक ढुलू महतो और सांसद सीपी चौधरी ने कहा कि प्रखंड के कार्यशैली के खिलाफ मुखिया संघ के द्वारा धरना दिया गया है मंत्री से लेकर अधिकारी सभी लूटने में व्यस्त है. भ्रष्टाचार छोटा हो या बड़ा भ्रष्टाचार होता है। जनता के राशि का गलत उपयोग करेंगे तो परिणाम गलत होगा। मुख्यमंत्री जब जेल जा सकते हैं तो यह एक छोटा अधिकारी है जो गलत करेगा उसे जेल जाना पड़ेगा।एसडीएम उदय रजक ने कहा कि मुखिया संघ के द्वारा 6 मांगों को रखी गई है। प्रखंड में अबुआ आवास योजना के आवंटन में गड़बड़ी की शिकायत मिली है। जिला जांच कमेटी बनाकर जांच करवाने का आश्वासन मुखिया संघ को दिए है। पेन डाउन स्ट्राइक को मुखिया संघ ने वापस ले लिया है।



