झारखण्ड : अंबा के ठिकानों से ED को मिले अहम सबूत, जिसे देख कर अधिकारी भी दंग रह गए

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रांची व हजारीबाग में 20 स्थानों पर दो दिन तक चली छापामारी में ईडी को कई अहम सबूत मिले हैं। झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री योगेंद्र साव विधायक अंबा प्रसाद उनके परिवार के अन्य सदस्यों व सहयोगियों के यहां चली। छापामारी में ईडी को 35 लाख रुपये नकद डिजिटल उपकरण अंचल कार्यालयों बैंकों आदि के नकली स्टांप हाथ से लिखी रसीदें डायरियां विभिन्न आपत्तिजनक दस्तावेज मिले हैं।जबरन वसूली, लेवी वसूली, अवैध बालू खनन, जमीन पर अवैध कब्जा व जमीन हड़पने की कोशिश मामले में झारखंड पुलिस में दर्ज करीब 15 अलग-अलग प्राथमिकियों में मनी लांड्रिंग के बिंदु पर ईडी ने दो दिनों तक लगातार छापामारी की।यह छापामारी झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री योगेंद्र साव, विधायक अंबा प्रसाद, उनके परिवार के अन्य सदस्यों व सहयोगियों से संबंधित झारखंड के रांची व हजारीबाग में 20 स्थानों पर चली।छापामारी में ईडी को 35 लाख रुपये नकद, डिजिटल उपकरण, अंचल कार्यालयों, बैंकों आदि के नकली स्टांप, हाथ से लिखी रसीदें, डायरियां, विभिन्न आपत्तिजनक दस्तावेज आदि मिले हैं। ईडी की ओर से गुरुवार को प्रेस बयान जारी कर छापामारी में मिले तथ्यों व सबूतों से संबंधित सभी बिंदुओं पर जानकारी दी गई है।यह भी बताया गया है कि इस छापामारी अभियान में झारखंड में अवैध बालू खनन से जुड़े साक्ष्य से संबंधित दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं।छापामारी में यह भी सबूत मिले हैं कि आरोपितों ने आपराधिक गतिविधियों से अर्जित काले धन से आगे की व्यावसायिक गतिविधियों को संचालित किया,
पूर्व मंत्री योगेंद्र साव, विधायक अंबा प्रसाद, उनके पारिवारिक सदस्यों व सहयोगियों के विरुद्ध झारखंड पुलिस की विभिन्न थानों में आर्म्स एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में करीब 15 ऐसे केस दर्ज हैं, जिन्हें ईडी ने मनी लांड्रिंग के तहत अनुसंधान के लिए लिया है।
प्राथमिकी में यह आरोप लगाया गया है कि पूर्व मंत्री योगेंद्र साव, विधायक अंबा प्रसाद ने अपने सहयोगियों के साथ विभिन्न प्रकार की आपराधिक गतिविधियों जैसे जबरन वसूली, लेवी की वसूली, अवैध रेत खनन, जमीन पर कब्जा आदि से अवैध धन अर्जित किया।

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