रांची: झारखंड विधानसभा अध्यक्ष रबींद्रनाथ महतो ने आज राजभवन पर बीजेपी के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया है।उन्होंने यह आरोप संथाल परगना के नाला में झामुमो कार्यकर्ताओं की बैठक के दौरान लगाया और बाद में अपना संदेश ट्वीट किया।ट्वीट में महतो के भाषण देने और हेमंत सोरेन सरकार की उपलब्धियां गिनाने का वीडियो है।“विधानसभा में विशेष सत्र बुलाकर आदिवासियों की पहचान के लिए सरना धर्म कोड विधानसभा से पारित कर राजभवन को भेजा गया था, लेकिन राजभवन द्वारा बिल लौटा दिया गया.1932 के खतियान पर आधारित स्थानीय नीति विधानसभा से पारित कर राजभवन को भेजी गयी, जिसे भी वापस कर दिया गया.राज्य भवन भी बीजेपी के इशारे पर काम कर रहा है.”गौरतलब है कि झारखंड सरकार ने 11 नवंबर 2022 को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर बिना राजभवन की सहमति के सरना आदिवासी धर्म कोड बिल पारित कर केंद्र सरकार को भेज दिया था.राजभवन को इसकी औपचारिक जानकारी ही दी गयी थी.आमतौर पर ऐसा नहीं होता और बिल पास होने में दिक्कतें आती हैं.इसके बाद जनवरी 2023 में खतियान आधारित स्थानीय नीति विधेयक 1932 को तत्कालीन राज्यपाल रमेश बैस ने राज्य सरकार को लौटा दिया था.स्थानीय व्यक्तियों की परिभाषा, स्थानीय व्यक्तियों को सामाजिक और सांस्कृतिक लाभ देने के लिए विधेयक को झारखंड सरकार को वापस भेज दिया गया था।



