रांची:महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के बढ़ते खतरे को देखते हुए रांची सदर अस्पताल में डिजिटल मैमोग्राफी मशीन स्थापित की जा रही है. रोटरी क्लब ऑफ रांची की और से उपलब्ध करायी गयी ‘वीनस डीआरवी प्लस’ नामक यह मैमोग्राफी मशीन अत्याधुनिक है. इसकी कीमत लगभग 45 लाख रुपये है. इसे 30 जून को स्थापित किया जायेगा. रोटरी क्लब ऑफ रांची ही अगले तीन वर्षों तक इस मशीन की देखरेख करेगा. इस मशीन के संचालन हेतु सदर अस्पताल के चिकित्सकों एवं पारा मेडिकल स्टाफ को प्रशिक्षण देने में भी सहायता करेगा.शुक्रवार को रोटरी क्लब ऑफ रांची में आयोजित प्रेस वार्ता में बलब के प्रवक्ता प्रवीण राजगढ़िया ने बताया कि रोटरी क्लब ऑफ रांची द्वारा अपने प्रोजेक्ट ‘आरोग्यम बैटलिंग ब्रेस्ट कैंसर’ के तहत यह मशीन लगायी जा रही है. इसमें दक्षिण कोरिया के रोटरी क्लब सुवोन-नोसोंग डी-3750 का भी सहयोग प्राप्त हुआ है. रोटरी क्लब ऑफ रांची के अध्यक्ष गौरव चागरॉय ने बताया कि इस डिजिटल मैमोग्राफी मशीन के लगने के बाद सदर अस्पताल में ब्रेस्ट कैंसर जांच की सुविधा बहुत ही कम दर पर उपलब्ध होगी. ‘आयुष्मान भारत योजना’ के लाभार्थियों को यह सेवा पूर्णतः निःशुल्क मिलेगी.
इस 145 लाख रुपये की इस मशीन को स्थापित करने के लिए जिन रोटेरियन सदस्यों ने योगदान दिया है, यह फूल फील्ड डिजिटल मैमोग्राफी (एफएफडीएम) तकनीक पर आधारित है. मैमोग्राफी मशीन में एक एक्स-रे ट्यूब, एक डिटेक्टर और एक जनरेटर होता है. एक्स-रे ट्यूब से निकलने वाली किरणे स्तन से होकर गुजरती है और डिटेक्टर द्वारा कैप्चर की जाती है, जिससे एक छवि बनती है. यह मशीन उच्च गुणवत्ता वाली इमेज मात्र 10 सेकंड में स्क्रीन पर दिखा देती है. कम दबाव और दर्दरहित जांच के लिए इसमें विशेष रूप से डिजाइन किए गए कंप्रेशन पैडल्स लगे हैं.लगभग 45 लाख रुपये है डिजिटल मैमोग्राफी मशीन की कीमत आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों को पूरी तरह निःशुल्क सेवा मिलेगी.40 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं में स्तन कैंसर का जोखिम अधिक होता है. मैमोग्राफी एक प्रभावी तकनीक है. मैमोग्राफी मशीन का उपयोग कर डॉक्टर स्तन कैंसर का शीघ्र पता लगा सकते हैं, जब यह उपचार के लिए सबसे अधिक प्रभावी होता है. प्रारंभिक अवस्था में कैंसर की पहचान से न केवल इलाज सरल होता है, बल्कि जीवन भी बचाया जा सकता है.




