झारखंड शराब घोटाला मामले में आरोपी IAS अधिकारी विनय चौबे को बड़ी राहत देते हुए गिरफ्तारी के 92 दिनों बाद रांची की विशेष एसीबी कोर्ट ने उन्हें बेल दे दी। कोर्ट ने माना कि एसीबी उनकी गिरफ्तारी के 92 दिनों के अन्दर आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल नहीं कर सकी, जिसके आधार पर BNSS की धारा 187(2) के तहत उन्हें बेल दे दी गई।
बाबूलाल मरांडी: तकरीबन 1000 करोड़ रुपये के शराब घोटाले में हेमंत सोरेन जी के पूर्व सचिव के खिलाफ एसीबी ने जानबूझकर 90 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल नहीं की, जिससे उनकी जमानत का रास्ता आसान हो गया।दरअसल हेमंत सरकार ने अपने ही पूर्व सचिव की गिरफ्तारी का षड्यंत्र इसलिए रचा था, ताकि ईडी की जांच प्रभावित हो सके और सबूतों को मिटाया जा सके।@dir_ed जनता के हजारों करोड़ की लूट में शामिल इन भ्रष्टाचारियों पर कठोर और विधिसम्मत कार्रवाई करें।




