रांची झारखण्ड E PASS में गलत जानकारी दी तो पुलिस करेगी कार्रवाई, मजाक बनाने वालों पर सख्त हुआ प्रशासन

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रांची झारखण्ड E PASS में गलत जानकारी दी तो पुलिस करेगी कार्रवाई, मजाक बनाने वालों पर सख्त हुआ प्रशासन

epassjharkhand.nic.in पर आवेदन करने के साथ ही ई-पास ऑटोमेटिक जारी हो जाता है. इसके लिए किसी अधिकारी का न तो चक्कर लगाने की जरूरत है और ना हीं पैसे देने की. अप्लाई करने के कुछ देर बाद ही डाउनलोड कर सकते हैं. वेरीफिकेशन का झंझट भी नहीं है.

परिवहन विभाग के अधिकारी कहते हैं कि ई-पास आमलोग भी बिना किसी परेशानी के पा सकें, इसके लिए वेरीफिकेशन का फंक्शन नहीं रखा गया है. लेकिन अधिकारियों ने यह नहीं सोचा कि आगे चल कर वेरीफिकेशन का न होना, मजाक का विषय बन जायेगा. अब जब लगातार ई-पास पर मजाक होने लगा, तब परिवहन सचिव केके सोन ने मामले में ऐसे लोगों के खिलाफ जांच कर कार्रवाई के लिए रांची एसएसपी को लिखा है.

साइबर सिक्यूरिटी टीम जांच में जुट गयी है. पुलिस उन आइपी एड्रेस का पता कर रही है, जिसके जरिये ई-पास बनाने के लिए गलत शब्दों या तथ्यों के साथ अप्लाई किया गया था. इसके जरिये पुलिस अप्लाई करनेवालों तक पहुंचेगी.

परिवहन विभाग ने खुद की जांच :
ई-पास को लेकर लगातार विभाग का मजाक उड़ाये जाने और पूर्व मंत्री सह खूंटी के विधायक नीलकंठ सिंह मुंडा द्वारा भी सवाल खड़े किये जाने के बाद परिवहन विभाग हरकत में आया. सचिव के निर्देश पर विभागीय कर्मियों ने पांच ऐसे ई-पास को पकड़ा, जिसमें स्थान की जगह यहां-वहां, जहां-तहां, गिरिडीह झारखंड से बाबा का ढाबा, कभी खुशी कभी गम जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया. मोबाइल नंबर और गाड़ी का नंबर के अलावा पहचान पत्र तक गलत डाला गया. बावजूद इसके सभी का ई-पास बन गया.

विभाग ने दी थी चेतावनी :
परिवहन विभाग द्वारा जारी ई-पास के नीचे लिखा हुआ है कि अगर आपने ई-पास लेने के लिए अगर किसी भी तरह की कोई गलत जानकारी दी है, तो आपके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है.
ई-पास की खामियों से लोग परेशान :
स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह के तहत लोगों को कहीं भी आने-जाने के लिए ई-पास की व्यवस्था की गयी है. लेकिन, इसमें आ रही खामियों से लोग परेशान हो रहे हैं. जरूरत का सामान खरीदने के लिए तीन घंटे का ई-पास दिया जा रहा है, लेकिन अगले दिन जब लोग दोबारा इ-पास के लिए आवेदन कर रहे हैं, तो मैसेज में दिया जा रहा है कि पहला रिक्वेस्ट अप्रूव्ड है और उसकी वैधता अभी खत्म नहीं हुई है. इससे लोग अनावश्यक परेशान हो रहे हैं.