पश्चिम बंगाल में बाबरी मस्जिद निर्माण की नींव डालने वाले TMC से निलंबित विधायक हुमायूँ कबीर अब ओवैसी के साथ हाथ मिलाने वाले हैं ये बात उन्होंने खुद कही है “हम ओवैसी की पार्टी AIMIM के साथ चर्चा कर रहे हैं। दोनों मिलकर बंगाल में BJP और TMC को रोकने की तैयारी कर रहे हैं ये गठबंधन राजनीतिक रूप से एक बड़ा बदलाव साबित हो सकता है।”
TMC का कहना है कि हुमायूं कबीर भाजपा के एजेंट हैं, वहीं भाजपा का कहना है कि TMC के भीतर ही लड़ाई चल रही है। आपको जानकर आश्चर्य हो सकता है कि 2019 में भाजपा ने हुमायूँ को लोकसभा चुनाव में मुर्शिदाबाद सीट से टिकट दिया था। 3 साल बाद ही 2021 में TMC में आ गए।
हुमायूं कबीर की राजनीतिक यात्रा काफी उतार-चढ़ाव भरी रही है। 2011 में कांग्रेस से शुरुआत करने के बाद 2012 में वे TMC में शामिल हुए। TMC से छह साल के निलंबन के बाद उन्होंने 2016 में निर्दलीय चुनाव लड़ा, हारने पर दोबारा कांग्रेस में लौटे, लेकिन 2018 में भाजपा में आ गए। भाजपा ने 2019 में उन्हें मुर्शिदाबाद लोकसभा सीट से टिकट दिया, पर वे हार गए। 2021 में फिर TMC में लौटे और भरतपुर से विधायक बने। बाबरी मस्जिद को लेकर दिए बयान के बाद TMC ने उन्हें फिर से निलंबित कर दिया है।



