People are seeing the shadow of Dada Sobran in Chief Minister Hemant Soren
आज सोबरन मांझी की शहादत दिवस है , सोबरन मांझी दिशोम गुरु शिबू सोरेन के पिता और मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के दादा है I आज के दिन ही महाजनों ने उनकी हत्या करवा दी थी I शहीद सोबरन मांझी ने उत्तरी छोटानागपुर क्षेत्र में महाजनी शोषण के खिलाफ जंग की आगाज ने की थी। जिसे आगे चलकर उनके बेटे राज्यसभा सांसद शिबू सोरेन ने मुकाम तक पहुंचाया। आदिवासी और गरीबों के उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाने की परंपरा को राज्य के मुखिया हेमन्त सोरेन आगे लेकर चल रहे है जो उन्हे उनके दादा और पिता से विरासत के रूप में मिली है I
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन अपने दादा सोबरन मांझी के नाम पर सोना सोबरन धोती साड़ी योजना चला रहे है , इस योजना के अंतर्गत बीपीएल परिवार के लोगो को धोती ओर साड़ी 10 रुपए में दी जाती है ताकि वे गरीब और आदिवासी भी समाज में सर उठा के जी सके जिन्हे कपड़ो के वजह से समाज में उपेक्षित किया जाता है I यही नहीं मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ही राज्य के ऐसे पहले मुख्यमंत्री हुए जिन्होंने आदिवासियों दलितों पिछड़ों ओर अल्पसंख्यकों के लिए कई योजनाएं लाई और उन्हे उचित मान सम्मान दिलाया , जिस तरह उनके दादा ने महाजनों से लड़ाई लड़ते हुए अपनी जान कुर्बान कर दी ठीक उसी राह में आज मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी झारखंड के सम्मान की लड़ाई लड़ रहे है , आदिवासियों को इनका अलग धर्म कोड़ सरना धर्म कोड सदन से पास कराया , इसके बाद राज्य की सबसे बड़ी ओर प्रतीक्षित 1932 को सदन से पास कर केंद्र में भेजा जिससे यह पूरी तरह साफ हो गई की मुख्यमंत्री अपने दादा सोबरन की राह पर चल रहे है और यही वह है जो आदिवासियों को उनका हक दिला सकता है I दादा सोबरन मांझी ने जो जंग महाजनों के विरुद्ध शुरू की थी उस लड़ाई को मौजूदा समाज में आदिवासियों के शोषण करने वालो के खिलाफ मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अब
People are seeing the shadow of Dada Sobran in Chief Minister Hemant Soren
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