हजारीबाग के बरकट्ठा प्रखंड स्थित एशिया के सबसे गर्म सूर्यकुंड में मकर संक्रांति पर गुरूवार को 15 दिवसीय मेले का शुभारंभ हुआ। उद्घाटन विधायक अमित कुमार यादव ने किया। देवघर श्रावणी मेला के बाद यह झारखंड का दूसरा सबसे बड़ा मेला है, जिसमें लाखों श्रद्धालु स्नान के लिए पहुंचते हैं। विधायक ने क्षेत्र विकास, स्वच्छता और सुरक्षा को लेकर जागरूकता पर जोर दिया।बरकट्ठा स्थित सूर्यकुंड में तड़के चार बजे से श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। मान्यता है कि वनवास के दौरान भगवान श्रीराम यहां रहे और माता सीता के छठ व्रत हेतु लक्ष्मण ने तीर से कुंड की स्थापना की। वैज्ञानिक रूप से गंधक की रासायनिक प्रतिक्रिया से पानी गर्म है। परिसर में पांच कुंड हैं, जिनमें मुख्य सूर्यकुंड का तापमान सालभर 88.8 डिग्री रहता है। पांचो जलकुंड का धारा अलग- अलग है और पांचों में अलग-अलग जगह से पानी निकलता है। वहीं, सूर्य कुंड का तापमान 88.5 डिग्री सेल्सियस होता है जबकि रामकुंड का तापमान 47 डिग्री होता है।
कहा जाता है कि सूर्य कुंड में स्नान करके 36 तरह का बीमारियों का इलाज होता है। इसके गर्म पानी से नहाने के बाद 7 दिनों के भीतर पेट में गैस बनने की बीमारी दूर हो जाती और फोड़ा फुंसी, चर्म रोग जैसी बीमारी 7 दिनों तक सूर्य कुंड का पानी पीने से पूरी तरीके से ठीक हो जाते है। वहीं, इस सूर्य कुंड में दूर-दूर के राज्य से श्रद्धालु मकर संक्रांति के अवसर पर डुबकी लगाते हैं।




