गुजरात: मोरबी क्षेत्र के माच्छू नदी में रविवार शाम को एक केबल ब्रिज गिर गया. मोरबी में खोज और बचाव अभियान जारी है. ब्रिज गिरने से अब तक 132 लोगों की मृत्यु हो गई है. इस दौरान पुलिस और एम्बुलेंस की गाड़ियां भी मौके पर देखी जा रही हैं.इस ब्रिज की मरम्मत के बाद 5 दिन पहले ही इसे आम जनता के लिए खोला गया था.हादसे के वक्त सैकड़ों लोगों के ब्रिज पर मौजूद थे.मोहसिन शाहिदी, DIG ऑपरेशन,NDRF ने कहा कि 132 शवों को रिकवर किया गया है. 2 लोगों के लापता होने की सूचना है. NDRF की 5 टीमों को तैनात किया गया है। 2 लापता लोगों के मिल जाने के बाद संभवतः सर्च ऑपरेशन बंद किया जाएगा. कल वहां के लोगों और प्रशासन ने 170 से ज्यादा लोगों को बचाया.
वी.वी.एन. प्रसन्ना कुमार, NDRF कमांडेंट, गुजरात ने कहा कि पानी गंदा होने की वजह से जब पानी के अंदर सर्च करते हैं तो विजिबिलिटी की दिक्कत होती है. झूले के गिरने के कारण वहां कुछ लोगों के दबे होने की आशंका है, उसके मलबे को निकालकर वहां भी सर्च करेंगे.
इलेश खेर, मुख्य अग्निशमन अधिकारी,राजकोट ने कहा कि राजकोट फायर ब्रिगेड ने 6 नाव, 6 एम्बुलेंस, 2 बचाव वैन, 60 जवान तैनात किए। बड़ौदा, अहमदाबाद, गोंडल, जामनगर, कच्छ से कुल 20 बचाव नौकाएं रेस्कयू का काम कर रही हैं. 12 फायर टेंडर, बचाव वैन, 15 से ज्यादा एम्बुलेंस यहां हैं.
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि हम कांग्रेस पार्टी और अपनी ओर से मृतक के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं। साथ ही जो भी लोग इस ब्रिज को बनाने में शामिल थे इसकी जांच की जानी चाहिए। मृतकों के परिवार को जल्द सरकार की ओर से राहत मिलना चाहिए, घायलों को राहत दी जानी चाहिए। कांग्रेस पार्टी के कई नेता घटनास्थल पर पहुंचे और अशोक गहलोत भी घटनास्थल पर पहुंचे रहे हैं। हम अभी इस पर किसी तरह की राजनीति नहीं करना चाहते हैं। इस ब्रिज को ठीक करने के बाद इसका उद्घाटन हुआ और मरम्मत के बाद ही ब्रिज गिर गया इसके पीछे क्या कारण है? इसकी जांच हो। साथ ही इतने लोगों के एक साथ एक समय में ब्रिज पर उपस्थिति का कारण क्या था इसका भी पता लगाया जाए।



