राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने एग्रोटेक किसान मेले का उद्घाटन किया

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रांची के कांके स्थित बिरसा कृषि विश्वविद्यालय में राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने पूर्वी क्षेत्रीय प्रादेशिक कृषि मेला एवं एग्रोटेक किसान मेले का उद्घाटन किया। बिरसा कृषि विश्वविद्यालय में मेला तीन दिवसीय आयोजित है।

इस कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि देश के विकास, खाद्य और पोषण सुरक्षा एवं राष्ट्र की स्थिरता के लिए किसानों का सम्मान और उनकी हितों की रक्षा करना हमारी प्राथमिकता में पहले पायदान पर होना चाहिए.

उन्होंने कहा धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा के नाम पर स्थापित इस कृषि विश्वविद्यालय द्वारा किसान मेले का आयोजन किया गया है. प्रदेश के किसानों के हित में कृषि तकनीकी नवीनता के साथ आयोजन इस मेले की प्रमुख विशेषता है. कृषि उद्यमों के विविधिकरण द्वारा ग्रामीण सम्पन्नता रखा गया है. बदलते वैश्विक कृषि परिवेश एवं कोरोना काल के मद्देनजर इस विषय से विश्वविद्यालय की दूरगामी सोच झलकती है.

किसानों को खेती-बारी की नवीनतम तकनीकों से अवगत कराने के लिए ये तीन दिवसीय किसान मेला आयोजित किया गया है. इस मेले में तकनीकों का, सेवाओं का, उपादानों और उत्पादों का जीवंत प्रदर्शन किया जा रहा है तथा किसानों-पशुपालकों की तकनीकी समस्याओं के समाधान के लिए प्रत्येक विषय के विशेषज्ञ एवं वैज्ञानिक भी उपलब्ध हैं. देश की 70 फीसदी से अधिक आबादी गांवों में बसती है. इसलिए ग्रामीणों की खुशहाली और किसानों के हितों की रक्षा के लिए ये आयोजन काफी महत्वपूर्ण है.

राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि झारखंड के एकमात्र कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत चार वर्ष पूर्व तक मात्र 4 कॉलेज थे, जिनकी संख्या बढ़कर अब 11 हो गयी है. अब राज्य के दूर-दराज के जिलों के छात्र-छात्राओं को उनके द्वार पर ही तकनीकी शिक्षा की सुविधा उपलब्ध हो रही है. देवघर, गोड्डा और गढ़वा में स्थापित नए कृषि महाविद्यालयों के साथ हंसडीहा, दुमका में डेयरी प्रौद्योगिकी महाविद्यालय, गुमला में मत्स्य विज्ञान महाविद्यालय, खूंटपानी, चाईबासा में हॉर्टिकल्चर तथा बीएयू के कांके, रांची स्थित कृषि यांत्रिकी कॉलेज का संचालन किया जा रहा है. इन विषयों के तकनीकी महाविद्यालय झारखंड में पहले नहीं थे.