देश कि ड्रग नियामक संस्था, ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ( DCGI) ने कोरोना वैक्सीन को लेकर बुधवार को नई गाइडलाइन जारी की। डीजीसीआई ने अपनी नई गाइडलाइन में साफ कहा है कि किसी भी कोरोना वैक्सीन के पास तीसरे चरण की हुई मेन ट्रायल में कम से कम 50 परसेंट प्रभाव कारिता होनी चाहिए, यानी उसके परीक्षण में इस वैक्सीन के 50 परसेंट लोगों ठीक से काम करने चाहिए। ताकि इसके लिए व्यापक रूप से तैनाती की जा सके और पर्याप्त डाटा वैक्सिंग से जुड़े संवर्धित स्वसन रोग की संभावित जोखिम को कम कर सकें।
बच्चों के लिए टीका अगले साल के अंत तक
देश में अगर कोई टिका बन जाता है तो इससे व्यस्को को राहत मिलेगी , लेकिन बच्चों को इसके लिए लंबा इंतजार करना होगा। वही 8 टाइम्स में छपी रिपोर्ट के अनुसार, कोरोना के खिलाफ टिके के लिए कुछ महीनों का लंबा इंतजार करना होगा , क्योंकि अभी सभी वैक्सीन का ट्रायल व्यस्क लोगों के लिए किया जा रहा है। तीसरे चरण के सफल ट्रायल के बाद ही बच्चों के लिए वैक्सीन बनाने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।
गर्भावस्था के लिए अलग टीके पर हो रहा विचार:-
कोरोना वैक्सीन को लेकर जारी नई गाइड लाइन में इस बात पर प्रकाश डाला गया है कि गर्भावस्था में और प्रसव की क्षमता वाली महिलाओं में कोविड-19 निवारक टीको का उपयोग टीकाकरण कार्यक्रम के लिए एक महत्वपूर्ण विचार है।



