देश में कोरोना के खिलाफ जारी जंग में 2 वैक्सीन के इस्तेमाल की अनुमति मिलने के बाद अब अगले हफ्ते से देश में टीकाकरण शुरू किए जाने वाला है। स्वास्थ्य मंत्रालय के निर्देशों के अनुसार देश में टीकाकरण कार्यक्रम संभवतः अगले हफ्ते से शुरू हो सकता है। सवाल यह है की क्या आप जानते हैं कि लैब से निकलकर वैक्सीन को टीक केंद्रों तक कैसे और किस तरह से पहुंचाया जाएगा।
स्वास्थ्य मंत्रालय के स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने बताया कि कोरोना वैक्सीन को मंजूरी मिलने के बाद टीकाकरण का कार्यक्रम 10 दिन बाद शुरू हो सकता है। कोरोना वैक्सीन के आपातकालीन इस्तेमाल को लेकर DCGI ने 3 जनवरी (रविवार) को अपनी मंजूरी दी थी। इस लिहाज से 13 या 14 जनवरी से देश में कोरोना वैक्सीनेशन का कार्यक्रम शुरू हो सकता है।
वैक्सीन लोगों तक कैसे पहुंचेगी? इस पर स्वास्थ्य मंत्रालय ने आज मंगलवार को बताया कि वैक्सीन कैरियर के जरिए वैक्सीन को कोल्ड चेन प्वाइंटस से सब सेंटर्स (जो कि जिला अस्पताल, स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक केंद्र हो सकता है) तक एक रेफ्रिजरेटर या इंसुलेटेड वैन (पैसिव इक्विपमेंट, आइस बॉक्स या टेम्परेचर कंट्रोल्ड आदि) के जरिए सत्र स्थल पर ले जाया जाएगा।
स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा कि देश में 4 प्राथमिक वैक्सीन स्टोर्स मौजूद हैं। ये वैक्सीन स्टोर्स करनाल, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई में है। लैब से वैक्सीन को GMSD डिपो से इन 4 वैक्सीन स्टोर्स तक वायु मार्ग के जरिए भेजा जाएगा. इसके बाद देश में 37 वैक्सीन केंद्र हैं और यहीं पर वैक्सीन को स्टोर किया जाएगा। फिर यहां से वैक्सीन को बल्क में जिला स्तर पर भेजा जाएगा।
जिला स्तर से इन वैक्सीन को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तक फ्रीजर डब्बों में भेजा जाएगा. जहां पर इस वैक्सीन को अंतिम रूप से लोगों को लगाया जाएगा. स्वास्थ्य सचिव भूषण ने यह भी बताया कि भारत में अभी लगभग 29,000 कोल्ड चेन प्वाइंट है जहां इन वैक्सीन को सुरक्षित तरीके से स्टोर कर रखा जा सकता है.



