झारखंड: पूरे विश्व से लाखों की संख्या में जायरीन इस वर्ष हज की अदायगी के लिए सऊदी अरब पहुंच रहे हैं। इसी क्रम में झारखंड के 640 आजमीन-ए-हज का पहला जत्था 26 मई को कोलकाता एयरपोर्ट से मदीना के लिए रवाना हो रहा है। स्वास्थ मंत्री इरफान अंसारी ने कहा यह अवसर झारखंड हज कमेटी एवं राज्य सरकार के समर्पण और सेवा भावना का सजीव प्रमाण बना।हर वर्ष की तरह इस बार भी बतौर झारखंड हज कमेटी के अध्यक्ष एवं राज्य के स्वास्थ्य मंत्री के रूप में कोलकाता हज हाउस पहुंचा और हज पर जा रहे आजमीन से मुलाकात कर उनका हालचाल लिया।आप लोग अल्लाह के घर मक्का शरीफ जा रहे हैं, यह एक बहुत बड़ा मुक़ाम है। हर किसी को यह नसीब नहीं होता। मेरी दुआ है कि अल्लाह की रहमत सब पर हो और सभी को हज की तौफीक दे। सभी हाजियों से देश की अमन, भाईचारा, झारखंड की तरक्की और सलामती के लिए दुआ करने की अपील की।झारखंड सरकार पूरी तत्परता से हाजियों की सेवा में लगी है। हाजियों को किसी प्रकार की तकलीफ नहीं होगी। यह हमारी जिम्मेदारी है कि उन्हें सही-सलामत रवाना करें और सही-सलामत वापस लाएं।सभी हाजियों को बैग, मेडिकल किट, पासपोर्ट एवं वीजा दस्तावेज सौंपा और जरूरी हिदायतें दीं। मैं पिछले तीन दिनों से कोलकाता में कैंप कर रहा हूं और व्यक्तिगत रूप से सारी व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहा हूं।पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का विशेष आभार हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी बंगाल सरकार ने हाजियों के लिए बेहतरीन इंतज़ाम किए हैं। लेकिन केंद्र की उदासीनता के कारण हाजियों की संख्या प्रभावित हुई है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है। हज जैसी धार्मिक यात्रा में भेदभाव नहीं होना चाहिए।प्रवासी सेवकों, प्रशासनिक अधिकारियों और वालंटियर्स की टीम ने बेहतर समन्वय स्थापित किया है इसके लिए आप सभी बधाई के पात्र है। आप सभी की निःस्वार्थ सेवा और सहयोग के कारण यह कार्य संभव हो सका है। अल्लाह सब पर रहमत करे।




