झारखण्ड: कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की के बाद उनके पिता कांग्रेस नेता बंधु तिर्की भी अब खेत में उतरे। जिसकी तस्वीरें उन्होंने सोशल मीडिया पर शेयर की। साथ ही बंधु तिर्की ने लिखा”रोपा रोपे गेले रे डिंडा दंगोड़ी गुन्गु उपारे जिलिपी लगाये, लाजो नहीं लगे रे डिंडा दंगोड़ी गुन्गु उपारे जिलिपी लगाये।हर जोते गेले रे डिंडा दंगोड़ा एड़ी भईर तोलोंग लोसाते जाये, लाजो नहीं लगे रे डिंडा दंगोड़ा एड़ी भईर तोलोंग लोसाते जाये। धान रोपनी हमारे लिए एक त्यौहार की तरह है, डॉ अनुज लुगुन जो कि सहायक प्रोफेसर, दक्षिण बिहार केंद्रीय विवि, गया के उनका एक मशहूर गीत है जो खेतों में काम कर रहे किसानों की मेहनत और आत्मगौरव का बखान करता है। वे हल लेकर खेत जोतते हैं, एड़ियों तक कीचड़ में डूबे रहते हैं, फिर भी कभी थकान या शर्म नहीं होती। उनका शरीर धूप से तपता है, मगर उनके हौसले हर मौसम से मजबूत होते हैं। बनहोरा में ग्रामीणों के संग धान रोपनी एवं हल चलाया। धान रोपनी की ढेरों शुभकामनाएं! प्रार्थना करता हूं कि इस वर्ष सभी के खेत लहलहाएं!




