झारखण्ड : केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा है कि मैदानी राज्य और पहाड़ी राज्य में निवेश लाने में बहुत अंतर है। पहाड़ी राज्य में निवेश लाना पहाड़ चढ़ने जितना कठिन है।अटल बिहारी वाजपेयी के प्रधानमंत्रित्व काल में जब उत्तराखंड, झारखंड और छत्तीसगढ़ का गठन हुआ, तब कहा गया कि छोटे राज्य की कल्पना सफल होगी या नहीं। आज ये तीनों राज्य अपने पैरों पर खड़े होकर आगे बढ़ रहे हैं। उसमें सोने में सुहागा 2014 में हुआ, जब मोदी सरकार आई। इन राज्यों को भूतपूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने बनाए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने इन्हें संवारा है। ये राज्य आज अपने पैरों पर खड़े हैं।शाह ने कहा कि विकसित भारत 2047 का सपना तब तक अधूरा है, जब तक छोटे राज्य और पूर्वी राज्य विकसित नहीं होते। उन्होंने कहा कि छोटे और पूर्वी राज्यों के विकास पर सरकार ने विशेष ध्यान दिया है।
अमित शाह के इस बयान पर झारखण्ड सरकार के पूर्व मंत्री मिथिलेश ठाकुर कहते हैं ”मा. केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी का बयान इस बात की तस्दीक करता है कि यशस्वी मुख्यमंत्री श्री Hemant Soren जी के दूरदर्शी नेतृत्व में झारखंड ने अपने पैरों पर खड़े होने का साहस और सामर्थ्य दिखाया है।यह प्रशंसा, संघर्ष से संकल्प तक की यात्रा का प्रमाण है।”




