असम के रोगोंनदी विधानसभा की जनता तक सीएम हेमंत सोरेन पहुंच नहीं पाए तो उन्होंने फोन पर ही संबोधित कर दिया। सीएम ने भी एक्स पर एक वीडियो जारी किया है जिसमें वे फोन के जरिए संबोधित कर रहे.इस वीडियो के साथ सीएम हेमंत सोरेन ने एक्स पर लिखा, असम की क्रांतिकारी धरती ने कभी झुकना नहीं सीखा है।प्रधानमंत्री जी का कार्यक्रम बताकर आज मुझे प्रचार के लिए जाने नहीं दिया गया। क्या लोकतंत्र अब कार्यक्रमों की आड़ में बंद किया जाएगा?और यह सब कैसे हो रहा है? संवैधानिक संस्थाओं का खुलेआम दुरुपयोग कर, एजेंसियों को हथियार बनाकर।हमारे पुरखों ने हमें झुकना नहीं, संघर्ष करना सिखाया है। हम लड़ते आए हैं, और हर लड़ाई जीतकर ही आगे बढ़े हैं।
सीएम हेमंत सोरेन ने आगे लिखा. असम का शोषित, वंचित, आदिवासी, दलित और पिछड़ा समाज अब जाग चुका है। चाय बागान में रहने वाले लोग भी अब आगे बढ़कर अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं। अब यह समाज चुप नहीं रहेगा, अपने अधिकार लेकर ही रहेगा।इसलिए साथियों, हमें एकजुट होना है। हमारी एकजुटता ही विरोधियों के लिए सबसे बड़ा जवाब है, और यही एकजुटता पहले ही इनके डर का कारण बन चुकी है।याद रखिए, जितना हमें रोकोगे, हम उतनी ही मजबूती से आगे बढ़ेंगे क्योंकि हमारे तीर-धनुष की ताकत सिर्फ प्रतीक नहीं, यह हमारे आत्मसम्मान और संघर्ष की पहचान है।आगामी 9 अप्रैल को हमारा यह संघर्षी समाज अपने ऊपर वर्षों से हुए शोषण और अत्याचार का बदला वोट की ताकत के साथ लेकर रहेगा।




