खूंटी:आज आपकी योजना, आपकी सरकार, आपके द्वार कार्यक्रम के अंतर्गत खूंटी में सीएम हेमंत सोरेन खूंटी और सिमडेगा जिले की जनता के बीच शामिल हुए। इस अवसर पर परिसंपत्तियों के वितरण के साथ-साथ योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन करने का भी अवसर मिला।2021 में खूंटी की वीर भूमि उलिहातु से ही हमने आपकी योजना, आपकी सरकार, आपके द्वार कार्यक्रम का शुभारंभ किया था। आज इस कार्यक्रम के चौथे चरण में हम सभी हैं।आप लोगों ने 2019 में हमें जो जिम्मेदारी दी, उसका निर्वहन हम लोग कर रहे हैं। आप सभी ने मुझे राज्य का मुखिया बनाया। 2019 से लेकर अब तक कई चुनौतियां हमने देखी है। सरकार गठन के बाद दो वर्ष हम कोरोना महामारी में जीवन और जीविका बचाने में लगे रहे। उस बीच आपकी सरकार आप सभी के लिए कार्य करती रही। किसी की मौत भूख से नहीं हुई।मुझे याद है आज भी वह दिन, जब गांव में दीदियों ने संक्रमण काल में लोगों को खाना बनाकर खिलाने का काम किया। उस समय मैंने संकल्प लिया था कि मैं राज्य की महिलाओं को सशक्त करूंगा।
मैंने पहले भी कहा है और आज भी कह रहा हूं, ये गांव से चलने वाली सरकार है। अधिकारी आप लोगों की मदद करने आपके बीच आ रहे हैं। आज आपके द्वार पहुंच कर वह आपकी समस्याओं का समाधान कर रहें हैं।मैं जब आपके हक-अधिकार के लिए काम करता था तो विपक्ष के लोग तरह-तरह के हथकंडे अपना कर उसे बाधित करते थे। अगर किसी को नौकरी दी तो उसके लिए भी न्यायालय में अपील करते थे। मंईयां योजना को लेकर भी ये न्यायालय चले गए। हम स्थानीय के लिए नियोजन नीति बनाते हैं तो उसे कोर्ट से असंवैधानिक घोषित करा देते हैं।चुनाव को देखते हुए, वोट लूटने के लिए पूरे देश से भारतीय जनता पार्टी के लोग इस राज्य में घुसने जा रहे हैं। अभी बड़े-बड़े नेता आ रहे हैं। ये लोग हिंद-मुस्लिम, सिख-ईसाई, आदिवासी-गैर आदिवासी, दलित-पिछड़ा की लड़ाई लड़ाने में माहिर हैं। लेकिन एकता के सिद्धांत पर चलने वाला यह राज्य न कभी किसी से डरा है, न कभी किसी के सामने झुका है और न झुकेगा।
आप सभी हौसला बुलंद रखिए। आप मजबूती से खड़ा रहें। एक आदिवासी मुख्यमंत्री को हटाने के लिए एक दर्जन से अधिक मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री तक लगे हुए हैं। एक तरफ पूंजीपति लोग हैं, और दूसरी तरफ झारखण्ड के गरीब-गुरूबा। इनकी ताकत भी हम देख लेते हैं।ये कहते हैं कि संथाल परगना को अलग राज्य बना दो। ये पूंजीपति लोग, यहां आकर फिर से इस राज्य को बांटने का कोशिश कर रहे हैं। ये लोग कहते हैं कि आदमी भी खरीद लेंगे। यही वजह है कि आप कभी-कभी सुनेंगे कि इन लोगों ने कभी मंत्री, तो कभी विधायक और पार्टी को भी खरीद लिया।लेकिन झारखण्ड के लोग स्वाभिमानी हैं। देखते हैं कितने लोगों को खरीदोगे? खरीदते-खरीदते तुम्हारी जिंदगी खत्म हो जाएगी लेकिन झारखण्डी समाप्त नहीं होगा।




