सेरेंगसिया की धरती पर 1500 युवाओं को मिला नियुक्ति पत्र

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hemant soren

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन आज पश्चिमी सिंहभूम जिले के टोटो प्रखंड स्थित सेरेंगसिया पहुंचे, जहां उन्होंने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ संघर्ष करने वाले अमर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। सीएम ने सेरेंगसिया शहीद स्मारक पर माल्यार्पण कर पोटो हो समेत सभी शहीदों को नमन किया। सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि आज का दिन झारखंड सरकार और झारखंड मुक्ति मोर्चा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। सेरेंगसिया में अमर शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई और इसी दिन दुमका में झामुमो का स्थापना दिवस मनाया गया। उन्होंने बताया कि सेरेंगसिया की धरती पर 1500 युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए गए। सीएम ने कहा कि जेपीएससी और जेएसएससी के जरिए पहले साल में 25–26 हजार युवाओं को नौकरियां दी गई हैं और यह प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।

सीएम हेमंत सोरेन ने कहा,मैं कल असम गया था। असम एक ऐसा राज्य है जहां झारखण्ड, उड़ीसा से अंग्रेज बन्दूक के बल पर असम के चाय बागान में यहाँ के आदिवासियों को लेकर गए। आज वे लोग अपनी पहचान, अपने अधिकार की लड़ाई लड़ रहे हैं। वहां रहने वाले आदिवासियों को आदिवासियों का अधिकार और दर्जा नहीं है।अपने भारत देश के अंदर दो तरह की पहचान कैसे? आदिवासी तो इस भारत देश के मूलवासी हैं। वहां आदिवासियों के ऊपर सरकार के द्वारा यातनाएं भी दी जा रही हैं।मैंने कहा है कि आपकी लड़ाई के साथ हम लोग हैं और अगर जरुरत पड़ेगी तो पूरे झारखंड के आदिवासी को असम लेकर पहुंचेंगे, उन्हें मदद करने का काम करेंगे। संघर्ष यात्रा के दौरान सरेंगसिया के शहीदों नमन करने मैं आया था। उसके बाद यहां के लोगों के साथ मिलकर हम लोगों ने सत्ता लेने का काम किया। यह स्थल हमें ताकत देता है, प्रेरणा देता है। हमें इतिहास नहीं भूलना चाहिए, हमारे आंदोलनकारियों की कुर्बानी नहीं भूलनी चाहिए। जिस दिन हम भूलेंगे उसी दिन हमारा बुरा दिन शुरू हो जाएगा। आज के इस दिवस पर, इस पावन धरती पर, दूर-दराज से आप लोग आए हैं इसके लिए मैं आप सभी का बहुत-बहुत आभार और जोहार करता हूं। यही हमारा गौरवपूर्ण इतिहास है और यही इतिहास हमें एक ताकत देता है।

सीएम हेमंत सोरेन ने कहा,हम आपसे एक ही आग्रह करेंगे कि आपका सारा बोझ हम उठाने को तैयार है लेकिन एक काम आप लोग जरूर कीजिए। आप अपने बच्चों को शिक्षित करें, उन्हें अपने पैरों पर खड़ा करें। क्योंकि हमें कमजोर समझ दूसरे लोग हमारा फायदा उठाने का काम करते हैं, इसलिए बच्चों को पढ़ाएं और बच्चों को पढ़ाने के लिए आपकी सरकार ने हर संभव प्रयास किया है।कुछ दिन पूर्व रांची में हम लोगों ने उच्च शिक्षा के लिए बच्चों को निःशुल्क आवासीय कोचिंग सेंटर भी शुरू किया है। अपने बच्चों को वहां भेजिए, काबिल बनाइये, और खुद को, गांव, देहात और समाज को मजबूत कीजिए। 

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